बिहार में हर साल मिल रहे 1.40 लाख मरीज

मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर जिले में कटरा प्रखंड के बेरई दक्षिणी, मीनापुर प्रखंड के गोरीगामा में लोग अपनी बेटी या बेटे की शादी करने से कतराते हैं। इसकी वजह इन गांवों में कैंसर रोग का दंश है। यहां दर्जनों लोग कैंसर पीड़ित हैं। इनका दिल्ली और कोलकाता से इलाज चल रहा है। कई दर्जन लोग इलाज के अभाव में मर चुके हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने कैंसर डे को देखते हुए जिले में कैंसर रोगियों के बारे में पड़ताल की।

इस दौरान बेरई दक्षिणी के सुनील कुमार बताते हैं कि 2016 से वे कैंसर पीड़ित हैं। उन्होंने बताया कि बेरई के ही राम सकल सिंह सहित दो दर्जन लोग कैंसर से मर चुके हैं। मीनापुर के गोरीगामा गांव के राजेंद्र राम व सत्यनारायण राम की मौत कैंसर से हो चुकी है। दरअसल, राज्य में कैंसर अब महामारी की तरह फैलने लगी है। अधिक डराने वाली बात यह कि इन मरीजाें में महिलाओं की संख्या अधिक है।

टाटा मेमाेरियल अस्पताल के हाेमी भाभा कैंसर सेंटर के प्रारंभिक सर्वे के अनुसार सिर्फ बिहार में हर साल 1.40 लाख से अधिक मरीज मिल रहे हैं। इन राेगियाें में से 30 हजार का ही इलाज हाे पाता है। अन्य 1.10 लाख कैंसर मरीजाें के बारे में जानकारी ही नहीं मिल पा रही है। वैसे अब एसकेएमसीएच में कैंसर अस्पताल शुरू हाेने से ऐसे लाेगाें में उम्मीद की किरण जग रही है कि मर्ज लाइलाज नहीं है।

पांच प्रखंडाें की पड़ताल में 1064 कैंसर पीड़ित मिले, 277 की हाे चुकी माैत

कैंसर अस्पताल मुजफ्फरपुर यूनिट प्रभारी डाॅ. रविकांत सिंह के अनुसार संख्या आधारित पंजीयन के जरिए 2018 से कैंसर मरीजाें की पहचान हाे रही है। पांच प्रखंडाें मुशहरी, कांटी, सकरा, माेतीपुर और मुराैल में अबतक 1064 कैंसर राेगी मिल चुके हैं। इनमें से 277 की माैत हाे चुकी है जिनमें 140 महिला और 137 पुरुष शामिल हैं। 392 महिलाओं और 351 पुरुषाें का इलाज चल रहा है।

14 जिलों में आज से होगी कैंसर मरीजों की स्क्रीनिंग
भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र की ओर से कैंसर दिवस पर 14 जिलों में गुरुवार से कैंसर रोगियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। पटना में आयाेजित एक समाराेह में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय अभियान का शुभारंभ करेंगे। मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, औरंगाबाद, बेगूसराय, भागलपुर, भाेजपुर, गया, नालंदा, पटना, सीवान व सुपाैल में कैंसर राेगियाें की स्क्रीनिंग की जाएगी।

3 प्रखंड में सबसे अधिक बीमार, वहां सर्वे ही नहीं

कटरा के बेरई और मीनापुर के टेंगराहां और गाेरीगामा को मिलाकर साै से अधिक कैंसर मरीजाें की माैत हाे चुकी है। तीन दर्जन से अधिक लाेग इलाज करा रहे हैं। औराई, कटरा, मीनापुर और गायघाट प्रखंडाें में पांच-छह साल से माैतें हाे रही हैं। इन गांवों में कैंसर से माैत की दैनिक भास्कर में छपी खबर पर संसद में सवाल उठा। फिर 2018 में एसकेएमसीएच परिसर में भाभा कैंसर सेंटर का ओपीडी शुरू हुआ। मरीजाें की पहचान की पहल हुई। फिर भी, सर्वाधिक प्रभावित औराई, कटरा और मीनापुर में सर्वे तक नहीं हुआ।

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