एमओयू करने वालीं 162 में से 113 भारतीय कंपनियों ने खींचे हाथ

रांची : झारखंड में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए 100 करोड़ से अधिक खर्च कर मोमेंटम झारखंड का आयोजन किया गया। इसके लिए देश-विदेश में रोड शो हुए। अब पूरे आयोजन का क्या नतीजा निकला, इसके लिए राज्य सरकार ने स्पेशल ऑडिट कराने का आदेश दिया है। उद्योग विभाग की अनुशंसा पर महालेखाकार (एजी) स्पेशल ऑडिट कर रहा है। एजी की रिपोर्ट आने से पहले भास्कर ने इसकी पड़ताल की तो पता चला समिट में आईं 210 में 162 कंपनियों ने ही राज्य की पूर्ववर्ती सरकार से विधिवत एमओयू किया।

इनमें 113 भारतीय कंपनियों ने एमओयू पर आगे बढ़ने की बात तो दूर, झारखंड से ही बोरिया-बिस्तर समेट लिया है। वहीं, 13 विदेशी कंपनियों का नामोनिशान नहीं मिल रहा है। उद्योग विभाग लाख चाहने के बावजूद उनसे संपर्क नहीं कर पा रहा। इनके दिए नंबर बंद हैं या उठते नहीं। जबकि एमओयू के वक्त इनका दावा था कि प्राजेक्ट शुरू हुए तो राज्य में 1.56 लाख करोड़ का निवेश होगा। जो 36 कंपनियां अभी भी डटी हैं, उनके द्वारा भविष्य में 34 हजार करोड़ निवेश का अनुमान लगाया जा रहा है, पर फिलहाल इनके प्रोजेक्ट धरातल से दूर हैं।

खर्च

क्या थे दावे
03 लाख करोड़ रुपए का राज्य में निवेश हुआ
1.60 लाख प्रत्यक्ष रोजगार देने का किया गया था वादा

हकीकत
700 करोड़ निवेश अब तक, 02 कंपनी में उत्पादन बंद
12 कंपनियां ही सिर्फ अभी काम कर रही हैं झारखंड में

देसी कंपनियाें के फोन पर ‘नाे रिस्पांस’, विदेशियों के नंबर बंद

नाे रिस्पांस

36 कंपनियां…34 हजार करोड़ का संभावित निवेश अभी दूर

निवेश दूर

उद्योग विभाग के अनुसार 162 में से 36 कंपनियों द्वारा निवेश की संभावना है। इसमें 12 बड़े प्रोजेक्ट भविष्य में शुरू हो सकते हैं। हालांकि इसमें सालों लग सकते हैं क्योंकि अब तक कुछ न कुछ पेंच फंसा हुआ है।

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