2 मार्च : बाबासाहब ने किया दूसरा सत्याग्रह

जामताड़ा (सर्च खबर) : अक्सर देखा गया है की प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे कई सवाल पूछे जाते हैं जो इतिहास में अपना नाम कर चुके हैं और अपनी विशेष जगह बना चुके हैं। इसलिए आज हम आपके लिए 2 मार्च के देश-विदेश से जुड़े इतिहास की जानकारी लेकर आए हैं जो परीक्षा के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण साबित होगी। तो आइये जानते हैं 2 मार्च के इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में।

इतिहास में 2 मार्च 1949 का दिन सरोजिनी नायडू की पुण्यतिथि के रूप में दर्ज है. राजनीतिक कार्यकर्ता, महिला अधिकारों की समर्थक, स्वतंत्रता सेनानी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की पहली भारतीय महिला अध्यक्ष सरोजिनी नायडू को उनकी प्रभावी वाणी और ओजपूर्ण लेखनी के कारण ‘नाइटिंगेल ऑफ इंडिया’ कहा जाता था. 13 फरवरी 1879 को हैदराबाद में जन्मीं सरोजिनी के पिता अघोरेनाथ चट्टोपाध्याय हैदराबाद के निजाम कॉलेज में प्रिंसिपल थे.

सरोजिनी ने यूनिवर्सिटी आफ मद्रास के अलावा लंदन के किंग्स कॉलेज और उसके बाद कैंब्रिज के गिरटन कॉलेज से शिक्षा ग्रहण की. उन्होंने देश की आजादी के संघर्ष में शिरकत की और आजादी के बाद उन्हें यूनाइटेड प्राविंसिज (आज का उत्तर प्रदेश) का राज्यपाल बनाया गया. उन्हें देश की पहली महिला राज्यपाल होने का भी गौरव हासिल है.सरोजिनी नायडू की लेखनी ने भी देश के बुद्धिजीवियों को प्रभावित किया.

2 मार्च 1930 में बाबासाहब ने दूसरा सत्याग्रह किया। पहला सत्याग्रह पानी को लेकर था जबकि यह मंदिर प्रवेश के लिये था। यह सत्याग्रह नाशिक के कालाराम मन्दिर में प्रवेश को लेकर हुआ था। आंदोलन से पहले ही बाबासाहब ने अनेक लेख पत्र और सन्देश दिए जिससे दलितों को मंदिर में प्रवेश दिया जाए, और समानता स्थापित हो। जब अछूतों को प्रवेश नही मिला तो इस सत्याग्रह का आयोजन किया गया। 15000 स्वमसेवक मन्दिर में प्रवेश को तैयार थे। दलित प्रवेश न कर सकें इसलिए उस दिन किसी भी सवर्ण तक के लिये दरवाजे नही खोले गए।प्रवेश नही मिला लेकिन रामनवमी की रथ यात्रा पर सवर्णो और अछूतों में समझौता हुआ कि दोनों समुदाय मिलकर राम का रथ खीचेंगे। चतुर सवर्णो ने चालाकी दिखाई और अकेले ही रथ के साथ फरार हो लिये।यह केवल मंदिर में प्रवेश के लिये सत्याग्रह नही था। यह एक प्रयोग था जानने के लिये की सवर्णो दलितों को बराबर का अधिकार देंगे या नही। 5 साल बाद 1935 में बाबासाहब धर्म छोड़ने का ऐलान कर देते हैं, 1956 में बुद्ध धम्म अपना लेते हैं। उसके बाद आज भी दलित मंदिर में घुसने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ अपने कमरे या रसोई में मन्दिर बना चुके हैं। बाबासाहब का मानना था कि मंदिर में प्रवेश करने से समस्याओ का हल नही होगा लेकिन हिन्दू सवर्णो की मानसिकता की परीक्षा हो जाएगी। मन्दिर में पत्थर की मूर्ति देखने से पूजने, से किसी का भला नही होगा। जिसने पूजा उसका कोनसा हुआ है।दलित समाज को आज भी मन्दिर में प्रवेश के प्रयत्न करते हुए यातनाओं का शिकार होता है। आखिर कब तक ऐसा होगा? .

  • अमेरिकी कांग्रेस ने 1807 में एक कानून पास कर देश में गुलामों के आयात पर रोक लगा दी थी। दास प्रथा की समाप्ति की दिशा में यह अहम कदम था।
  • अमेरिका ने 1819 में अपना पहला आव्रजन कानून पारित किया।
  • टेक्सास ने 1836 में मेक्सिको से अपनी आजादी की घोषणा की।
  • निड्ल कंपनी एक्सेलसियर ने 1866 में सिलाई मशीन की सुई बनानी शुरू की।
  • दुनिया की पहली वायरलैस टेलीग्राफ कंपनी हवाई में 1901 में खुली।
  • अंतरराष्ट्रीय मार्क्सवाद की पहली बैठक 1919 में मास्को में हुयी।
  • अफ्रीकी महाद्वीप का देश रोडेशिया अब जिम्बाब्बे 1970 में आज ही के दिन एक स्वतंत्र गणराज्य बना।
  • बिहार की राजधानी पटना में 1982 में महात्मा गांधी सेतु का उद्घाटन हुआ।
  • सोवियत संघ ने 1983 में भूमिगत परमाणु परीक्षण किया।
  • पेरू एवं इक्वाडोर के बीच चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए दोनों देशों के बीच में 1995 में समझौता।
  • 1997 – चीन द्वारा अपने रक्षा बजट में 12 प्रतिशत की वृद्धि.
  • 1999 – व्यापक परमाणु परीक्षण संधि (सी.टी.बी.टी.) पर हस्ताक्षर करने के लिए भारत के साथ किसी गुप्त समझौते के समाचार का सं.रा. अमेरिका द्वारा खंडन.
  • 2000 – चिली के पूर्व सैनिक तानाशाह जनरल आगस्टो पिनोशे ब्रिटेन द्वारा रिहा करने के बाद स्वदेश रवाना.
  • 2002 – कूलम (आस्ट्रेलिया) में राष्ट्रमंडल शिखर सम्मेलन शुरू, पाकिस्तान को पुन: शामिल करने से इन्कार, फ़िलिस्तीन ने इस्रायल से सभी सम्बन्ध तोड़े.
  • नई दिल्ली में भारत और अमेरिका के बीच 2006 में ऐतिहासिक परमाणु समझौता सम्पन्न।
  • भारत ने 2006 में परमाणु शक्ति के सम्बन्ध में अमेरिका के साथ राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के दिल्ली आगमन पर समझौता किया।
  • 2008- आइगेट कॉर्पोरेशन ने फनी मूर्ति को अपना मुख्य परिचालन अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया.हमास के प्रमुख इस्माइल हानिया के दफ़्तर पर इस्रायली युद्धक विमानों ने हमला किया. ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदी नेजाद अपनी ऐतिहासिक यात्रा पर इराक पहुँचे. नेपाल सरकार ने पूर्वी पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक स्वायत्तता की मांग को लेकर संघर्षरत देसी जातीय समूहों के एक गठबंधन से समझौता किया.
  • 2009- चुनाव आयोग ने 15वीं लोकसभा के चुनाव 16 अप्रैल से 13 मई के बीच 5 चरणों में सम्पन्न करने की घोषणा की. रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसकी अनुषंगी रिलायंस पेट्रोलियम के निवेशकों के निदेशकों के बोर्ड ने दोनों कम्पनियों के विलय के प्रस्ताव को मंज़ूदी दी.
  • जर्मनी में 2012 में अदालत ने एप्पल और सैमसंग के बीच पेटेंट का मुकदमा खारिज किया।

2 मार्च को जन्मे व्यक्ति

  • स्कौटलैंड के राबर्ट द्वितीय का 1316 में जन्म।
  • राजनीतिज्ञ बसंत सिंह खालसा का 1932 में जन्म।
  • अंग्रेज क्रिकेटर एंड्र्यू स्ट्रॉस का 1977 में जन्म।
  • अमरीकन अभिनेत्री जेसिका बील का 1982 में जन्म।
  • अमरीकन फुटबाल के खिलाड़ी रैजी बुश का 1985 में जन्म।
  • भारतीय तीरंदाज़ खिलाड़ी जयन्त तालुकदार का 1986 में जन्म।

2 मार्च को हुए निधन

  • छत्रपति शिवाजी महाराज के छोटे पुत्र राजाराम का सन 1700 में सिंहगढ़ में निधन।
  • उत्तर प्रदेश के प्रथम राज्यपाल हरकोर्ट बटलर का 1869 में निधन।
  • भारतीय स्वाधीनता आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाली तथा ‘भारत कोकिला’ के नाम से मशहूर सरोजिनी नायडू का 1949 में निधन।

नई दिल्ली। मार्च का महीना मतलब मस्ती और ठिठौली का महीना, जहां ये सर्दी से छुटकारा दिलाता वहीं ये होली के रंग भी साथ लाता है, यही नहीं इसी महीने में महाशिवरात्रि जैसे पवित्र-पावन दिन का उपवास भी होता है। इस बार भी मार्च में कई व्रत और त्योहार हैं, जिनकी पूरी लिस्ट आपके लिए हम यहां लेकर आए हैं, जो कि निम्नलिखित है। होली की मस्ती और शिवरात्रि का उपवास, ये है मार्च महीने के त्योहार, देखें पूरी लिस्ट मार्च 2021: व्रत एवं त्योहारों की सूची 02 मार्च: संकष्टी चतुर्थी 06 मार्च: जानकी जयंती 08 मार्च: महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती 08 मार्च: गुरु रामदास जयंती 09 मार्च: विजया एकादशी 10 मार्च: प्रदोष व्रत 11 मार्च: महाशिवरात्रि 13 मार्च: फाल्गुन अमावस्या 14 मार्च: मीन संक्रांति 15 मार्च: फूलेरा दूज 17 मार्च: विनायक चतुर्थी ये है मार्च महीने के व्रत और त्योहार, देखें पूरी लिस्ट 21 मार्च: होलाष्टक प्रारंभ 25 मार्च: आमलकी एकादशी 26 मार्च: प्रदोष व्रत 28 मार्च: होलिका दहन, फाल्गुन पूर्णिमा 29 मार्च: होली ( रंग वाली) 30 मार्च: होली भाई दूज या भातृद्वितीया महाशिवरात्रि महाशिवरात्रि का उपवास करने से भक्तों के सभी पाप धुल जाते हैं। शिव की महारात्रि का ये त्योहार माघ महीने की कृष्ण पक्ष के 13वें या 14वें दिन मनाई जाती है। इस दिन भक्त भोले बाबा को भांग, धतुरे, बेलपत्र के साथ जल चढ़ाते हैं। इस बार ये पर्व 11 मार्च को है। होली उमंग-मस्ती और खुशी के त्योहार होली का इंतजार हर किसी को होता है। होलिका दहन के बाद ही रंग खेलना शुरू हो जाता है। होलिका दहन की पूजा बहुत महत्वपूर्ण होती है। इसका खास महत्व होता है इसलिए इस दौरान कुछ चीजें नहीं करनी चाहिए क्योंकि इसका गलत प्रभाव आप और आपके परिवार पर पड़ता है। इस बार होलिका दहन 28 मार्च को है।होलिका दहन की पूजा का खासा महत्व है, अगर आप किसी परेशानी से ग्रसित हैं तो अग्नि के सामने उस परेशानी का जिक्र कीजिए और भगवान से प्रार्थना कीजिए कि वो हमारी समस्या का निपटारा जल्द से जल्द कीजिए,देखिएगा आपकी सारी समस्याओं का निवारण जल्द ही हो जाएगा।

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