21 फरवरी : पहले लोकसभा चुनाव में प्रति वोटर खर्च आया था 60 पैसे, जो 2019 के चुनावों में बढ़कर करीब 72 रुपए

जामताड़ा (सर्च खबर) : हर दिन की तरह 21 फरवरी का दिन भी अति महत्वपूर्ण है, इस दिन कई ऐसी घटनाएं घटी जो देश और दुनिया के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गईं। बांग्लादेश के इतिहास में तो 21 फरवरी की तारीख अपना एक अलग महत्व रखती ही है, क्योंकि इसी दिन पूर्वी पाकिस्तान में स्थित ढाका यूनिवर्सिटी के छात्रों ने बंगाली भाषा को अधिकारिक भाषा का दर्जा देने के लिए प्रदर्शन किया था। उस समय बंगाल, पूर्वी पाकिस्तान में स्थित था।

वहीं इसे अंतराष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस के रुप में भी मनाया जाता है। दुनिया भर में इस दिन कई अलग-अलग भाषाओं की विविधताओं को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। इसके अलावा भी  21 फरवरी की तारीख कई छोटी-बड़ी घटनाओं की ग्वाह बनी, जिनके बारे में हम आपको नीचे बता रहे हैं।

भारतीय लोकतंत्र में 25 अक्टूबर की तारीख बहुत खास है। 1951 में इसी दिन से चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई थी, जब हिमाचल प्रदेश के चिनी में पहला वोट डाला गया था। 25 अक्टूबर 1951 से 21 फरवरी 1952 तक यानी करीब चार महीने चली उस चुनाव प्रक्रिया ने पूरी दुनिया के लोकतांत्रिक देशों की कतार में भारत को ला खड़ा किया था। एक अहम फैक्ट यह है कि पहले लोकसभा चुनाव में प्रति वोटर खर्च आया था 60 पैसे, जो 2019 के चुनावों में बढ़कर करीब 72 रुपए हो गया।

यह तो सबको पता है कि भारत को आजादी 15 अगस्त 1947 को मिली और 26 जनवरी 1950 को भारत गणतंत्र बना। लेकिन, यह कम ही लोगों को पता होगा कि पहले आम चुनाव 1951-52 में कैसे हुए थे और किस तरह वोटिंग हुई थी। पहले चुनावों में लोकसभा की 497 तथा राज्य विधानसभाओं की 3,283 सीटों के लिए भारत के 17 करोड़ 32 लाख 12 हजार 343 रजिस्टर्ड वोटर थे। कुल 68 फेज में वोटिंग हुई थी। आजादी के संघर्ष के कारण आम जनता में तो कांग्रेस का ही नाम बैठा था। इस वजह से कांग्रेस ने 364 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी 16 सीटें जीतकर दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। उस वक्त एक निर्वाचन क्षेत्र में एक से अधिक सीटें थीं, इस वजह से 489 स्थानों के लिए 401 निर्वाचन क्षेत्रों में ही चुनाव हुआ। 1960 से यह व्यवस्था खत्म हो गई। एक सीट वाले 314 निर्वाचन क्षेत्र थे। 86 निर्वाचन क्षेत्रों में दो सीटें और एक क्षेत्र में तीन सीटें थीं।

पहले चुनावों में 10.59 करोड़ लोगों ने अपने नेता को चुनकर इतिहास रचा था। इनमें 10.59 करोड़ में करीब 85% अशिक्षित थे। अशिक्षित वोटर्स का ध्यान रखते हुए पार्टियों और उम्मीदवारों के लिए चुनाव चिह्न की व्यवस्था की गई थी। तब हर पार्टी के लिए अलग बैलेट बॉक्स था, जिन पर चुनाव चिह्न थे। लोहे की 2.12 करोड़ पेटियां बनाई गई थीं और 62 करोड़ मतपत्र छापे गए थे।

सुकुमार सेन मुख्य चुनाव आयुक्त थे। उन्होंने वोटर रजिस्ट्रेशन से लेकर, पार्टियों के चुनाव चिह्नों के निर्धारण और साफ-सुथरा चुनाव कराने के लिए योग्य अधिकारियों के चयन का काम किया। बैलेट बॉक्स और बैलेट्स को पोलिंग बूथ तक पहुंचाना बहुत मुश्किल था। मणिपुर के पहाड़ी क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को कंबल और बंदूक के लाइसेंस का लालच देकर उनसे चुनाव सामग्री पोलिंग बूथ्स तक पहुंचाने में मदद ली गई। खैर, यह चुनाव प्रक्रिया धीरे-धीरे इवॉल्व हुई और आज हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के तौर पर दुनिया को सिखा रहे हैं कि चुनाव कैसे कराने चाहिए।

  • रूस में रोमानोव वंश का शासन 1613 में स्थापित हुआ।
  • डचों ने 1795 में श्रीलंका, सीलोन अंग्रेज़ों को सौंप दिया।
  • अमेरिका में सिलाई मशीन का 1842 में पेटेंट कराया गया।
  • फ्रेडरिक एंगेल्स और कार्ल मार्क्स ने 1848 में कम्युनिस्ट घोषणापत्र प्रकाशित किया।
  • अमेरिका के कनेक्टिकट में 1878 में पहली टेलीफोन डायरेक्टरी जारी की गई।
  • पुड्डुचेरी स्थित अरविंदो आश्रम की मां मीरा अलफासा का 1878 में पेरिस में जन्म।
  • महान कवि एवं लेखक सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला का 1896 में जन्म।
  • अंग्रेज़ी भाषा के कवि आडेन का 1907 में जन्म।
  • बर्दुन का युद्ध 1914 से प्रारम्भ।
  • फ़्रांस में 1916 में प्रथम विश्व युद्ध में बर्डन की लड़ाई भड़की।
  • बावारेवा के प्रधानमंत्री कुर्तरिजनर की 1919 में म्यूनिख में हत्या हुई।
  • न्यूयॉर्कर मैगजीन के प्रथम संस्करण का 1925 में प्रकाशन।
  • ब्रिटेन नरेश जार्ज षष्ठ ने 1943 में रूसियों को सम्मानित किया।
  • मिस्र में ब्रिटेन के ख़िलाफ़ 1946 में विरोध प्रदर्शन।
  • पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान में ढाका) स्थित ढाका विश्वविद्यालय में 1952 में बंगाली भाषा को आधिकारिक भाषा का दर्जा देने के लिए प्रदर्शन किया गया।
  • नयी दिल्ली में प्रेस क्लब आफ इंडिया की 1959 में स्थापना।
  • सोवियत संघ ने 1963 में अमेरिका को चेतावनी दी कि क्यूबा पर हमला विश्वयुद्ध में बदल सकता है।
  • अमरीका के तत्कालीन राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन 1972 में चीन की यात्रा पर गए थे।
  • युगोस्लाविया ने 1974 में संविधान स्वीकार किया।
  • राष्ट्रसंघ मानवाधिकार आयोग ने 1975 में अधिकृत अरब क्षेत्रों में दमनात्मक कार्रवाई के लिए इस्रायल की कड़ी निंदा की।
  • नासा ने 1981 में सेटेलाइट कोमस्टर-4 का प्रक्षेपण किया।
  • दक्षिण अफ्रीका सरकार ने 1986 में जोहान्सबर्ग और डरबन अश्वेतों के लिए खोल दिए।
  • कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन सेन ने 1990 में राजकुमार सिंहानुक से बैंकाक में शांतिवार्ता की।
  • अल्बानिया में राष्ट्रपति ने 1991 में पुलिस विद्रोह के बाद नई सरकार के गठन की घोषणा की।
  • चीन ने 1992 में शंघाई शेयर बाज़ार में विदेशियों को कामकाज की अनुमति दी।
  • 1998 में भारतीय चरित्र अभिनेता ओम प्रकाश का निधन।
  • पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ़ ने 1999 में लाहौर घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए।
  • 2001 में सहस्रशताब्दी के महाकुंभ का समापन।
  • स्पेन के निवासियों ने 2005 में जनमत संग्रह में यूरोपियन संघ के संविधान का व्यापक समर्थन किया।
  • लॉन टेनिस में सानिया मिर्ज़ा 2004 में डब्ल्यू.टी.ए. खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी।
  • भारत के बड़े उद्योगपति अनिल अंबानी की ‘रिलायंस कम्यूनिकेशन’ ने 21 फरवरी साल 2008 में ही यूंगांडा की कंपनी ‘अनुपम ग्लोबल सॉफ्ट’ का अधिग्रहण किया था।
  • प्राइवेट एयरलाइंस जेट एयरवेज ने 21 फरवरी 2008 के दिन ही एयर कनाडा के साथ स्ट्रेटिजी गठजोड़ किया।
  • हिन्दुस्तान मोटर्स ने 2009 में अपने प्रबन्धकों की तनख़्वाह घटाई।
  • सऊदी अरब की सरकार ने 21 फरवरी साल 2010 में ही महिलाओं को वकालत करने की इजाजत देने से संबंधित कानून लाने का निर्णय लिया था।
  • बैडमिंटन की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक साइना नेहवाल ने 21 फरवरी,साल 2010 में जानी मानी खिलाड़ी झोउ मिको को 14-21, 21-10, 23-21 से महज 50 मिनट में ही हरा दिया था। यही नहीं थाइलैंड के नार्कोनराचशिमा में खेले जा रहे उबेर कप में भारतीय टीम ने अपने पहले मैच में ही हॉन्गकांग को 3-2 से हराकर बेहतर प्रदर्शन किया।
  • हैदराबाद में 21 फरवरी, साल 2013 में सिलसिलेवार बम धमाके हुए जिसमें करीब 17 लोगों की मौत हो गई और 119 लोग बुरी तरह जख्मी हो गए।

21 फ़रवरी को जन्मे व्यक्ति

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला21 फरवरी के दिन हिन्दी साहित्य के महान कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला समेत कई ऐसे व्यक्तियों ने जन्म लिया, जिन्होंने दुनिया में आकर अपना बड़ा नाम किया, उनके बारे में हम आपको नीचे बता रहे हैं।

  • भारतीय आध्यात्मिक नेता दा मदर मिर्रा अलफ़ासा का 1878 में जन्म।
  • भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिक शान्ति स्वरूप भटनागर का 1894 में जन्म।
  • एक कवि, उपन्यासकार, निबन्धकार और कहानीकार सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला का 1896 में जन्म।
  • भारतीय राजनीतिज्ञ टी.आर.जेलियांग का 21 फरवरी, 1952 में जन्म।
  • भारतीय रेसिंग ड्राइवर प्रतिभा सुरेशवारन का 1980 में जन्म।
21 फ़रवरी को हुए निधन – Died on 21 February

21 फरवरी के दिन दुनिया के कई महान लोग यह दुनिया छोड़कर हमेशा के लिए चले गए जिनके बारे में हम आपको नीचे बता रहे हैं।

  • 1991 में भारतीय अभिनेत्री और गायिका नूतन का निधन।
  • 1998 में भारतीय सिनेमा के प्रसिद्ध चरित्र अभिनेता ओम प्रकाश का निधन।
  • 1970 में भारतीय राजनीतिज्ञ तथा मध्य प्रदेश के भूतपूर्व राज्यपाल हरि विनायक पाटस्कर का निधन।
  • 1829 में झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई के समान कर्नाटक की वीरांगना और स्वतंत्रता सेनानी रानी चेन्नम्मा का निधन।

21 फ़रवरी के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव

21 फरवरी को अंतराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के रुप में भी मनाया जाता है –

  • अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस

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