3 मार्च : विश्व में ‘विश्व वन्यजीव दिवस’,प्रकृति व् मानव के संबंधों को दर्शाया जाता है

जामताड़ा (सर्च खबर) : आपको बता दें कि 2013 से प्रति वर्ष ये दिवस मनाया जाता है और देश और दुनिया में लोगों को अलग अलग थीम के माध्यम से प्रकृति से विलुप्त हो रहे जीव, प्रजातियों और अन्य प्राकृतिक वस्तुओं का संरक्षण करने के लिए जागरूक किया जाता है। पूरे विश्व के सभी देशों के साथ इस दिन भारत में भी वन्य जीवों के लिए जागरूकता फैलाई जाती है और प्रकृति व् मानव के संबंधों को दर्शाया जाता है।हर साल 3 मार्च का दिन पूरे देशभर में विश्व वन्यजीव दिवस (World Wildlife Day) के तौर पर मनाया जाता है जिसका उद्देश्य विभिन्न थीम के माध्यम से लोगों में वन्य जीवों एवं वनस्पतियों के प्रति जागरूकता फैलाना और इनका संरक्षण करना हैं। इस साल वन्यजीव दिवस 2020 की थीम जलीय जीवों की प्रजातियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए रखी गई हैं। यह विषय हमारे रोजमर्रा के जीवन हेतु समुद्री वन्यजीवों की समस्याओं, महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डालता है। साल 2020 का थीम ‘पृथ्वी पर सभी जीवन को बनाए रखना’ (Sustaining all life on Earth) है।

विश्व वन्यजीव दिवस के अवसर पर इन प्रजातियों के संरक्षण और निरंतर प्रबंधन और भविष्य की पहलों के लिए समर्थन बढ़ाने हेतु सफल पहल का भी जश्न मनाया जाता है। प्रतिवर्ष लोगों को अलग-अलग थीम के माध्यम से प्रकृति से विलुप्त हो रहे जीव, प्रजातियों और प्राकृतिक वस्तुओं का संरक्षण करने हेतु जागरूक किया जाता है।

विश्व वन्यजीव दिवस क्यों मनाया जाता है?
विश्व वन्यजीव दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य विश्वभर में वन्यजीवों की सुरक्षा तथा वनस्पतियों की लुप्तप्राय प्रजातियों के प्रति लोगों को जागरूक करना है। पूरे विश्व के सभी देशों के साथ इस दिन भारत में भी वन्य जीवों हेतु जागरूकता फैलाई जाती है और प्रकृति और मानव के संबंधों को दर्शाया जाता है।

विश्व वन्यजीव दिवस का इतिहास
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 20 दिसंबर 2013 को 68वें सत्र में 03 मार्च को विश्व वन्यजीव दिवस घोषित किया था। तीन मार्च को विलुप्तप्राय वन्यजीव और वनस्पति के व्यापार पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन को स्वीकृत किया गया था। वन्य जीवों को विलुप्त होने से रोकने हेतु सर्वप्रथम साल 1872 में जंगली हाथी संरक्षण अधिनियम (वाइल्ड एलीफेंट प्रिजर्वेशन एक्ट) पारित हुआ था।

3 मार्च को संपूर्ण विश्व में ‘विश्व वन्यजीव दिवस’ (World Wildlife Day) मनाया जाता है । वर्ष 2019 में इस दिवस का मुख्य विषय (Theme)-  ‘Life below water: for people and planet’ (‘पानी के नीचे जीवन: लोगों और ग्रह के लिए’) है। दरअसल, 20 दिसंबर, 2013 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अपने 68 वीं महासभा में वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति दुनिया भर के लोगों को जागरूक करने एवं वनस्पति के लुप्तप्राय प्रजाति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 3 मार्च को हर साल इस दिवस को मनाने का ऐलान किया था। 

विश्व वन्यजीव दिवस 2019 ध्यान केंद्रित करता है – पानी के नीचे जीवन, जो समुद्री प्रजातियों पर केंद्रित है, और हमारे रोजमर्रा के जीवन के लिए समुद्री वन्यजीवों के महत्वपूर्ण मुद्दों और मूल्यों को उजागर करने का अवसर है। यह अवसर इन प्रजातियों के संरक्षण और निरंतर प्रबंधन और भविष्य की पहलों के लिए समर्थन बढ़ाने के लिए सफल पहल का भी जश्न मनाएगा।

आपको बता दें कि 2013 से प्रति वर्ष ये दिवस मनाया जाता है और देश और दुनिया में लोगों को अलग अलग थीम के माध्यम से प्रकृति से विलुप्त हो रहे जीव, प्रजातियों और अन्य प्राकृतिक वस्तुओं का संरक्षण करने के लिए जागरूक किया जाता है। पूरे विश्व के सभी देशों के साथ इस दिन भारत में भी वन्य जीवों के लिए जागरूकता फैलाई जाती है और प्रकृति व् मानव के संबंधों को दर्शाया जाता है।

प्रत्येक वर्ष विभिन्न वैश्विक पर्यावरण संस्थानों द्वारा आयोजित सभी शिखर सम्मेलनों, बैठकों, सम्मेलनों, सेमिनारों आदि सहित वैश्विक स्तर पर हमारे सभी प्रयासों के बावजूद, हमारे ग्रह अभी भी वैश्विक विलुप्त होने का संकट झेल रहे हैं, मानव जाति द्वारा पहले कभी नहीं देखा गया. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 1 मिलियन से अधिक प्रजातियां आने वाले दशकों में विलुप्त होने के ट्रैक पर हैं. मौजूदा विलुप्त होने का संकट पूरी तरह से हमारे अपने निर्माण का है. आवास की एक सदी से अधिक विनाश, प्रदूषण, आक्रामक प्रजातियों के प्रसार, जंगली, जलवायु परिवर्तन, जनसंख्या वृद्धि और अन्य मानव गतिविधियों से अतिभार ने प्रकृति को कगार पर धकेल दिया है. यह एक ऐसी चीज है जिस पर ध्यान देने की जरूरत है.

जैसा कि उपरोक्त चर्चा से स्पष्ट है कि पृथ्वी पर विभिन्न प्रजातियों को बचाने के लिए विश्व स्तर के शिखर सम्मेलन और हस्तक्षेप पर्याप्त नहीं हैं. इसलिए मेरी राय के अनुसार, यदि हम अपने ग्रह से प्यार करते हैं, तो यह हमारी जिम्मेदारी होगी कि हम अपने आसपास के बारे में जागरूकता फैलाने, वृक्षारोपण-अभियान में स्वेच्छा से काम करें, हरियाली को अपनाएं, पर्यावरण के अनुकूल तरीके अपनाएं, जैसे प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग हमारे ग्रह के विविध वन्य जीवन की रक्षा के लिए पानी, भूमि आदि. एक जीवंत निवास स्थान सुनिश्चित करना वन्यजीवों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है.

इसलिए यह सुनिश्चित करना बहुत महत्वपूर्ण है कि दुनिया का जीवमंडल स्वस्थ रहता है, हर बार जब हम किसी पौधे या जानवर को खो देते हैं, तो हमारे पास यह जानने का कोई तरीका नहीं होता है कि क्या बीमारी का इलाज या उनके साथ कुछ नई चिकित्सा सफलता खो गई थी. विश्व वन्यजीव दिवस हमारा अवसर है कि हम अपनी दुनिया को बचाए रखें. पौधों और वन्य जीवन से भरपूर स्वस्थ भविष्य की आशा.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
Become a Journalist
Feedback/Query