हीरक रोड की 9.88 एकड़ सरकारी जमीन पर 74 लोगों का कब्जा

धनबाद : धनबाद अंचल के आमाघाटा माैजा गैर मजरुआ जमीन पर भू-माफियाओं के अवैध कब्जे का बड़ा खुलासा हुआ है। आमाघाटा माैजा के 28 नंबर खाता के सिर्फ 187 नंबर प्लाॅट में 9.88 एकड़ गैर मजरुआ जमीन पर भू-माफियाओं ने कब्जा कर रखा है। इस प्लाॅट में 13.05 एकड़ गैर मजरुआ जमीन है। डीसी उमा शंकर सिंह के निर्देश पर धनबाद अंचल कार्यालय ने अब तक सिर्फ 187 नंबर प्लाॅट की ही मापी और सीमांकन कर पाया है। इनमें 74 लाेगाें का अवैध कब्जा बताया गया है।

हीरक राेड की 8 लेन सड़क किनारे की जमीन हाेेने के कारण इसकी कीमत कराेड़ाें में है। कब्जाधारियाें में कई ऐसे लाेग हैं जाे सरकारी जमीन पर हाेटल, रेस्टूरेंट, मार्केट व गोदाम चला रहे हैं। जिला प्रशासन ने इन अतिक्रमणकारियाें की सूची भी जारी कर दी है। अतिक्रमणकारियाें में कुंभनाथ सिंह, पप्पू सिंह, लेमन चिल्ली रेस्टूरेंट के जमीन के मालिक अनिल सिंह, अमर सिंह, महादेव लाल शर्मा सहित 37 लाेगाें का नाम है। अवैध कब्जाधारियाें में 37 अज्ञात व्यक्ति भी हैं, जिसका काेई दावेदार प्रशासन काे नहीं मिल रहा है। सबसे अधिक पप्पू सिंह के पास 2.29 एकड़ जमीन कब्जे में मिला, जबकि अनिल सिंह के पास 50 डिसमिल, कुंभनाथ सिंह के पास 87.19 डिसमिल व गणपति हाेटल के मालिक जयमाला देवी पति श्रीकांत पासवान के पास 12.78 डिसमिल जमीन हैं।

कई जमीन पर चल रहे मार्केट-रेस्टूरेंट भी, 37 अतिक्रमणधारियों के नाम का पता नहीं चला

लिस्ट

लिस्ट

कंस्ट्रक्शन पर तुरंत राेक अगले सप्ताह से टूटेंगे

एडीएम लाॅ एंड ऑर्डर चंदन कुमार ने धनबाद सीओ काे निर्देश दिया है कि 187 नंबर प्लाॅट में निर्माणाधीन कंस्ट्रक्शन पर तुरंत राेक लगाएं। साथ ही इन कब्जाधारियाें काे नाेटिस तामिल करा शीघ्र ताेड़ने की कार्रवाई शुरू करें। स्थायी व अस्थायी निर्माण के विरुद्ध सीओ काेर्ट में अतिक्रमणवाद का केस चलेगा। अस्थायी निर्माण को 3-7 दिनाें की नाेटिस देकर ताेड़ने की कार्रवाई होगी। जिन्होंने मकान, दुकान या प्रतिष्ठान स्थायी रूप से बना रखा है, 15 दिनाें की नाेटिस देकर ताेड़ देना है।

कृषि के लिए ली जमीन और रेस्टूरेंट खोलने के लिए बेची

कई लाेगाें काे जिस उद्देश्य से जमाबंदी दी गई थी, उसके बदले उसका उपयाेग मार्केट व हाेटल-रेस्टूरेंट के रूप में किया जा रहा हैै। लेमन चिल्ली जिस जमीन पर खुली है, वहां की 35 डिस्मिल जमीन काे कृषि उपयाेग के लिए दिया गया था, लेकिन उसे बेच दिया। जमीन मालिक अनिल सिंह ने 15 डिसमिल जमीन भी कब्जा ली।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
Become a Journalist
Feedback/Query