कार्य करने का एक बुरा दिन स्वर्ग की एक अच्छे दिन से कहीं बेहतर

जामताड़ा (सर्च खबर) : किसी भी राष्ट्र का रीढ मजदूर होता है ऐसा भी कहना गलत नहीं होगा की किसी भी राष्ट्र का आत्मा मजदूर में निवास करता है । 1 मई मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाता है किसी न किसी रूप में हर कोई मजदूर है उनका वेशभूषा एवं कार्यशैली अलग हो सकता है । परंतु वह भी मजदूर है । इसलिए मजदूर दिवस हर कोई को मनाना चाहिए। मजदूर चाह ले तो अपने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकता है अपने देश में आने वाले किसी भी विपदा को मजदूर हंसते हुए हल कर सकता है । मजदूर संकट के घड़ी में किस प्रकार समस्या को हल किया जाता है उसे किताबी नहीं वल्कि प्रैक्टिकल ज्ञान होता है। इसलिए मजदूर को हमेशा मजदूर का कद्र करना चाहिए एवं कार्य का अहमियत देना चाहिए। मजदूर किसी भी परिस्थिति में मजबूर नहीं होता इसलिए उसकी मजबूरी का मजाक उड़ाने वाले स्वयं ही मजाक का पात्र बनता है साथ ही उसे उसी मजदूर से अपनी समस्या का निदान करने के लिए मजदूर के आगे झुकना पड़ता है । मजदूर को हमेशा ही इस बात पर गर्व होना चाहिए कि ईश्वर ने उसे राष्ट्र निर्माण के लिए उसे इस सृष्टि पर भेजा है।हमेशा अपने कार्य को फर्ज के रूप मे अदा करना चाहिए।

  1. कार्य करने का एक बुरा दिन स्वर्ग की एक अच्छे दिन से कहीं बेहतर होता है।
  2. ईश्वर हमें कार्य करने के लिए भेजें और जीवन तब तक खत्म नहीं होगा जब तक हमें ईश्वर कार्य देना बंद नहीं करते।
  3. हम पैसा कमाने के लिए काम नहीं करते बल्कि जीवन न्याय संगत हो इसके लिए कार्य करते हैं।
  4. यदि आप अपने कार्यों से इस दुनिया में कुछ भी योगदान नहीं दिए हैं तो फिर कुछ पाने की भी उम्मीद मत रखिए।
  5. एक गरीब व्यक्ति का हथियार उसका कार्य ही होता है जिसके दम पर वह जीता है।
  6. एक मशीन 50 मनुष्यों का काम कर सकती है लेकिन कोई भी एक और साधारण व्यक्ति का कार्य नहीं कर सकती है।
  7. बिना कार्य किए भोजन की आशा करना बेमानी है।
  8. यदि आप श्रम करना जानते हैं तो श्रम के बल पर पाने की इच्छा भी रख सकते हैं।
  9. कोई भी देश तभी विकसित बनता है जब उस देश में कार्य करने वाले मेहनती लोग होते हैं।
  10. कठिन मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता है।
  11. जिन लोगों को अपने परिश्रम और मेहनत पर विश्वास होता वह कभी किसी भी परिस्थिति में निराश नहीं होते है ।
  12. कार्य तो हर कोई करता है बस फर्क इतना होता है सब के कार्य करने का तरीका अलग होता है।
  13. परिश्रम पर आप विश्वास करते हैं तो आपका सच्चा सुख मिल सकता है।
  14. मेहनत से किए गए कार्यों का फल सदैव मीठा होता है।
  15. यदि खुद को फिट रखना है तो शरीर को परिश्रम की भी जरूरत पड़ती है।
  16. यदि आप स्वस्थ रहना चाहते हैं तो श्रम भी करें।
  17. यदि आप परिश्रम और मेहनत करना नहीं जानते हैं तो आपका जीवन व्यर्थ है जो परिश्रम करते हैं वे अमीर होते हैं।
  18. मेहनत और परिश्रम कभी ना कभी रंग लाता ही है श्रम दान से समाज में आपसी सद्भावना का विकास होता है।
  19. बड़े-बड़े इमारतों जैसे अनेकों निर्माण श्रमिकों के बल पर ही खड़ा किया जा सकता है।
  20. आप अपने सपनों का महल तो बनाने की सोच तो सकते हैं लेकिन इस मूर्त रूप देने में श्रमिक का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान होता है।
  21. मजदूर परिश्रमी होता है कभी मजबूर नहीं होता है मजदूर अपने मेहनत के बल पर मिट्टी से सोना उठाना जाना जानता है।
  22. हर कोई अपने काम का मजदूर है वेशभूषा बदल जाता है लेकिन कार्य सभी को करने पड़ते हैं।
  23. हर इमारत की नींव की शुरुआत एक मजदूर के पसीने से ही होती है।
  24. कार्य कभी छोटा नहीं होता और कार्य करने वाले कभी छोटे नहीं होते चाहे वह मालिक हो या नौकर सब का अपना महत्व है।

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