वास्तु के अनुसार दीवाली में माँ लक्ष्मी का करें ऐसे स्वागत

दीवाली माता लक्ष्मी के विशेष पूजन के लिए जानी जाती है। पर क्या आप यह जानते हैं कि दीवाली के दिन वास्तु के अनुसार किए गए कुछ काम आप को साल भर समस्याओं से दूर रख सकते हैं? साथ ही आपके घर में धन-धान्य की भी कमी नहीं होने देते हैं। ऐसे में हम आपको वास्तु के कुछ अचूक उपाय बताने वाले हैं, जिनके प्रयोग से मां लक्ष्मी का स्वागत भव्य एवं योग्य तरीके से कर पाएंगे।

सफाई

दीवाली पर सफाई का विशेष महत्व माना जाता है, क्योंकि मां लक्ष्मी का स्वागत करने के लिए आपका घर साफ-सुथरा और स्वच्छ होना अनिवार्य है। मां लक्ष्मी को साफ-सुथरी चीजें बेहद पसंद हैं और शास्त्रों में भी कहा गया है कि लक्ष्मी का निवास वहीं होता है, जहां सफाई होती है। इसीलिए पुराने समय से घर में दीवाली के समय साफ सफाई और रंगाई पुताई का चलन चलते आ रहा है।

तो अगर आप भी माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो दीवाली से पूर्व ही अपने घर को अच्छी तरीके से साफ कर लें और कोने-कोने से गंदगी निकाल दें। अगर आपके घर का रंग फीका पड़ गया है तो आप अपने घर में रंगाई पुताई भी अवश्य करवाएं।

पुराने कबाड़ को बाहर निकलना

वास्तु के अनुसार दीवाली की पूजा से पूर्व अपने घर में बेकार पड़ी चीजों जिसमें पुराने फर्नीचर, पुराने कपड़े जो लम्बे समय से इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, टूटे-फूटे बर्तन, ख़राब हो चुके इलक्ट्रोनिक सामान जैसी चीज़ों को घर से निकाल दें क्योंकि इससे घर में नकारात्मकता बढ़ती है।

सफाई की चीजों को बदल दें

दीवाली के दिन घर के सफाई में इस्तेमाल की जाने वाली चीजें जिनमें झाड़ू, पोछा, डस्टपैन यहां तक कि आप के मुख्य द्वार पर लगने वाले डोरमैट को भी संभव हो तो बदल दें। चूंकि साल भर तक इस्तेमाल की जाने के बाद यह चीजें लगभग पुरानी हो चुकी होती हैं और इन चीजों से घर की सफाई नहीं करनी चाहिए।

सेंधा नमक का प्रयोग

अपने घर में या ऑफिस में, चाहे जहाँ भी आप आर्थिक गतिविधियों को करते हैं वहां पर ऊर्जा की वृद्धि के लिए पोछे के पानी में सेंधा नमक मिलाकर पोंछा लगवाएं। इससे घर में या दफ्तर में मौजूद नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं और सकारात्मकता का वास होता है।

लाइट का विशेष ध्यान

दीपावली का त्यौहार ऐसे ही प्रकाश का त्यौहार नहीं कहा जाता है। इस दिन विशेष तौर पर रोशनी की जाती है ताकि मां लक्ष्मी प्रसन्न हों। तो अगर आप धनवृद्धि चाहते हैं तो अपने दफ्तर या घर के उत्तर दिशा में नीले, पीले और हरे रंग के बल्ब लगाएं। इससे माता प्रसन्न होंगी। पूर्व दिशा में लाल, नारंगी रंग के बल्ब लगा सकते हैं या पीले बल्ब भी लगा सकते हैं। दक्षिण दिशा की बात करें तो आप दक्षिण दिशा में सफेद, जामुन और लाल रंग के बल्ब लगाएं। वहीं पश्चिम दिशा में पीले, नारंगी, गुलाबी या ग्रे कलर के बल्ब लगा सकते हैं। ऐसा करना वास्तु के अनुसार बहुत शुभ माना जाता है और कहा जाता है कि इससे आपके घर या ऑफिस में ऊर्जा की वृद्धि होती है।

वंदनवार

दीवाली के दिन वंदनवार का लगाने का बहुत महत्व है।  वैसे तो हमारे यहां परंपरा रही है कि प्राकृतिक चीजों से वंदनवार का निर्माण किया जाए, जिसमें आम और अशोक के पत्तों तथा खूबसूरत फूलों से वंदनवार तैयार किया जाता है। लेकिन अगर आपके पास यह चीजें मौजूद नहीं हैं, तो आप बाजार से रेडीमेड वंदनवार ले आकर अपने मुख्य द्वार को बेहद खूबसूरत तरीके से अवश्य सजाएं। क्योंकि इसी मुख्य द्वार से मां लक्ष्मी आपके घर में प्रवेश करेंगी।

शुभ चिन्ह

दीवाली के दिन मुख्य द्वार पर शुभ चिन्हों या प्रतीकों को लगाने का भी वास्तुशास्त्र में जिक्र किया जाता है। इसमें आप स्वास्तिक, माता लक्ष्मी के पद चिन्ह, शुभ -लाभ या मां लक्ष्मी की प्रतिमा को अपने मुख्य द्वार पर लगा सकते हैं, जिससे माता प्रसन्न होंगी और आप पर कृपा बनाए रखेंगी।

रंगोली

दीवाली के दिन मुख्य द्वार पर रंगोली बनाने को लेकर वास्तु शास्त्र में यह कहा गया है कि इस दिन अगर मुख्य द्वार पर रंगोली का निर्माण किया जाए तो इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। आप चाहे तो फूलों या बाजार में मिलने वाले रेडीमेड पाउडर से एक खूबसूरत सी रंगोली मुख्य द्वार पर बना सकते हैं।

दिया जलाना

साल भर आप चाहे जिस तरीके से दिए जलाते हों, लेकिन वास्तु शास्त्र में दीवाली के दिन दिए जलाने के कुछ नियम बताए गए हैं। वास्तु कहता है कि आप दीवाली के दिन 4 के गुणांक में दिए जलाएं, जिसमें  4, 8, 12, 16, 20 या 24 दिए हो सकते हैं।

बर्तन खरीदने के नियम

वास्तु शास्त्र के अनुसार दीवाली के दिन बर्तन की ख़रीददारी से बेहद शुभ परिणाम मिलते हैं। आप अपनी क्षमता के अनुसार सोने, चांदी या तांबे के बर्तन खरीद सकते हैं। अगर आपका बजट ज्यादा नहीं है तो इस दिन आप सोने या चांदी के सिक्के भी खरीद सकते हैं।

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