spot_img
Saturday, June 19, 2021
spot_img
Horizontal Ticker
चुनाव के नतीजे आने के बाद राजनीतिक हिंसा का मामला तूल पकड़ गया.
चुनाव के नतीजे आने के बाद राजनीतिक हिंसा का मामला तूल पकड़ गया .
चुनाव के नतीजे आने के बाद राजनीतिक हिंसा का मामला तूल पकड़ गया.
चुनाव के नतीजे आने के बाद राजनीतिक हिंसा का मामला तूल पकड़ गया .

जाति न पूछो साधु की

Must read

जाति न पूछो साधु की

              पूछ लीजिए ज्ञान।
       

मोल करो तलवार की।

पड़े रहन दो म्यान

गुणा: सर्वत्र पुज्यन्ते

पितृवंशो निरर्थक:।

वासुदेवं नमस्यन्ति

वसुदेव:किं न मानवा:?

ज्ञानगुण निधान

बाबा साहेब थे,

विलक्षण और महान

भारतीय संविधान के प्रारुप समिति के अध्यक्ष, भारत-भारती के परम हितैषी, भारतीय संस्कार – संस्कृति और संस्कृत के परम हिमायती, दलित – शोषित – वंचितों के मुखर पहचान, भारतरत्न डॉ बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की 130वीं जन्मदिन की हार्दिक शुभकामना।

अपने कठोर श्रम, स्तुत्य मेधा और दूरदर्शिता के बलपर उन्होंने जो पहचान बनायी, वह सदैव और सबों के लिए पठनीय – प्रशंसनीय है। अतएव आइए, सब मिलकर विशाल भारत के संविधान शिल्पकार बाबा साहेब अम्बेडकर के विचारों, कर्मों और संपादित कृतित्व के माध्यम से जन-जन को अवगत करायें ताकि विषमता – वैचारिक मतभेद के जो रक्तबीज, पक्ष-विपक्ष के द्वारा प्रचारित – प्रसारित किए जा रहे हैं, उन्हें रोका और टोका जा सके। अम्बेडकर जी की उपलब्धि कोई जाति-धर्म

अथवा कृपा – प्रसाद से नहीं बल्कि मेधा-श्रम-संघर्ष से प्राप्त हुई थी।

पुरातन से अधुनातन सभी कालों में कालजयी व्यक्तित्व और कृतित्व समादृत होती चली आ रही है। अतएव, कठोर श्रम, कुशल मार्गदर्शन, व्यापक दूरदृष्टि, स्पष्ट लक्ष्य और अनवरत प्रयासरत रहकर भारत की एकता और अखंडता के लिए सदैव कटिबद्ध रहूँगा, यही संकल्प आज के दिन लें।

डॉ विजय शंकर,
सहायक शिक्षक,
आर एल सर्राफ उच्च विद्यालय देवघर।
- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article

Translate »