नाराज पितरों को करें प्रसन्न पाए आशीर्वाद

पितृपक्ष में पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध कर्म और तर्पण किए जाते हैं। जब भी पितरों की शांति के लिए श्राद्ध कर्म करें तो उस समय कुछ बातों विशेष ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि पितरों का सही तरीके से किया गया श्राद्ध कर्म आपके जीवन की कई परेशानियों को दूर करता है साथ ही आपके पितरों को अपार शांति की प्राप्ति होती है और आपके पितृगण भटकते नहीं है बल्कि उनको शांति मिलती है। आज हम आपको यह बताने जा रहें है कि पितृपक्ष में पितरों की आत्मा की शांति के लिए करने वाले श्राद्ध कर्म और तर्पण में कौन सी सावधानियां रखनी है साथ ही पितृपक्ष में आप अपने पितरों की किस तरह से प्रसन्न कर सकते है।

पितृपक्ष में यह भूलकर भी ना करें

पितृपक्ष में पुरूषों को एक बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि पितृपक्ष में जो भी पुरूष अपने पूर्वजों का श्राद्ध कर्म करें उसे दाढ़ी और बाल नहीं कटवाना चाहिए क्योंकि दाढ़ी एवं बाल कटवाने से धन की हानि होती है क्योंकि यह शोक माना जाता है। जब भी आप श्राद्ध कर्म करें तो उस दौरान भूलकर भी लोहे के बर्तनों का प्रयोग ना करें। कहा जाता है कि पितृपक्ष में लोहे के बर्तन के प्रयोग से परिवार पर अशुभ प्रभाव पड़ता है। लोहे की अलावा आप तांबा, पीतल सहित अन्य धातु के ही बर्तनों का उपयोग करें। जब भी पितृपक्ष में अपने पूर्वजों को याद किया जाता है तो उनकी आत्मा की शांति एवं शुद्धि के लिए पूजा की जाती है इसलिए पितृपक्ष में कोई भी शुभ कार्य आरंभ न करें और ना ही कोई नई वस्तु की खरीदी करें। शास्त्रों के अनुसार ऐसा करना बहुत अशुभ माना गया है। पितृपक्ष में पशु-पक्षियों पर किसी तरह का जुल्म ना करें। कुत्ते, बिल्ली, कौवा जैसे पशु-पक्षियों को कुछ खिलाना चाहिए। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि इस दौरान किसी भी भिखारी या भूखे व्यक्ति को भोजन करायें। इन बातों का पितृपक्ष में अवश्य ध्यान रखें नहीं तो आपको अपने पितरों की गुस्से का सामना करना पड़ सकता है।

ऐसे करें अपने पितरों को प्रसन्न

पितृपक्ष में हम कोई भी ऐसी गलती न करें जिससे हमारे पितृ हम पर नाराज हो जाए। इसलिए पितृपक्ष में अपने पितरों को प्रसन्न करें जिससे आपके घर-परिवार में उनकी कृपा बनी रहेगी और आपके परिवार पर कोई भी तकलीफ़ नही आएगी और ना ही कोई बुरा साया मंडराएगा। पितृपक्ष में अपने पितरों को प्रसन्न करने के लिए अपने घर की दक्षिण-पश्चिम की दीवार या उसके कोने पर अपने स्वर्गीय परिजनों की फोटो लगाएँ और हर रोज सुबह उनकी तस्वीर के सामने सर झुका कर उन्हें प्रणाम करें। जिससे आपके पितृ आपसे खुश होने लगेंगे। इसी तरह पितृपक्ष में अपने पितरों को खुश करने के लिए ज़रूरतमंद लोगों की मदद करें उन्हें उनकी जरूरत के हिसाब से वस्तुएँ दान करें। मान्यता है कि ऐसा करने से आप पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। पितृपक्ष में एक बात और है जिसका विशेष ध्यान रखना चाहिए। पितृपक्ष में पितरों की जयंती और बरसी मनाना न भूले। जब भी आप पितरों की जयंती या बरसी मनाएं तो उस दिन घर पर कोई न कोई पूजा अवश्य पितरों के नाम से रख लें और उसी दिन कौओं को खाना जरूर खिलाएं। पितृपक्ष में ऐसा करने से आपके पितरों का शांति मिलेगी और वे प्रसन्न होंगे।

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