नीरव मोदी पर ब्रिटिश कोर्ट का फैसला

मुंबई : पंजाब नेशनल बैंक से करीब दो अरब डॉलर की धोखाधड़ी के मामले में वांछित हीरा कारोबारी नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण पर ब्रिटिश कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने उसके भारत प्रत्यर्पित किए जाने को अपनी मंजूरी दे दी है। भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी भारत लौटने के बाद उसे मुंबई की आर्थर रोड जेल में रहना होगा। यहां आर्थर रोड जेल के बैरक नंबर 12 में रखे जाने की तैयारी है। सुनवाई के दौरान नीरव मोदी के वकील ने कोर्ट में कहा कि मुंबई की आर्थर रोड जेल में चूहे और कीड़े अधिक हैं। कैदियों के लिए कोई गोपनीयता नहीं है।

दरअसल सुनवाई के दौरान नीरव मोदी के वकील ने दलीलें देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। नीरव के वकीन ने यह भी दलील दी कि यदि उसे आर्थर रोड जेल में रखा गया तो यह उसके मानवाधिकारों का उल्लंघन होगा। वकील ने दलील दी कि जेल परिसर में नालियां हैं और पास ही झुग्गी बस्ती भी है, जहां बहुत शोर होता है।

बता दें कि बीते दिनों भी लंदन की वेस्टमिंस्टर जेल में मोदी की ओर से पेश वकील क्लेयर मोंटगोमेरी ने आर्थर रोड जेल में व्यवस्थाओं की कमियों को उनके बचाव की दलील के तौर पर पेश किया था। उन्होंने कहा था कि मुंबई में आर्थर रोड जेल में ऐसे प्रबंध नहीं हैं जो मोदी की मानसिक हालत के अनुरूप हों। इससे उनके आत्महत्या करने का जोखिम बढ़ता है, लेकिन अब लंदन कोर्ट के जज ने इस दलील को खारिज कर दिया है।

जज बोले- पूरी तरह से फिट है आर्थर रोड जेल
समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन के जज ने कहा कि नीरव मोदी के लिए आत्महत्या का कोई खतरा नहीं है, अगर उसे भारत भेजा जाता है, तो आर्थर रोड जेल में उसे पर्याप्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। जज ने मुंबई की आर्थर रोड जेल को नीरव मोदी के लिए पूरी तरह से फिट करार दिया है।

कई हाई-प्रोफाइल लोगों का रह चुकी है ठिकाना
इस जेल पहले भी रह चुके हैं नामचीन लोग मुंबई की आर्थर रोड जेल पहले भी हाई-प्रोफाइल लोगों का ठिकाना रह चुकी है। शीना बोरा हत्याकांड में आरोपी स्टार इंडिया के पूर्व सीईओ पीटर मुखर्जी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी नेता छगन भुजबल जेल की बैरक संख्या-12 में ही रहे हैं।

जानिए क्या है पूरा मामला?
नीरव मोदी की तीन कंपनियों, उसके अधिकारियों, पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों की मिलीभगत से की गई बैंक धोखाधड़ी का है. नीरव मोदी ने पीएनबी की बार्टी हाउस शाखा के अधिकारियों के साथ मिलकर 11,000 करोड़ रुपये से अधिक फर्जी ऋणपत्रों के माध्यम से इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया. बाद में अन्य बैंकों के साथ धोखाधड़ी की जानकारी भी सामने आयी. सीबीआई ने मामले की जांच के दौरान नीरव समेत उनकी पत्नी एमी मोदी, भाई निशल मोदी और अंकल मेहुल चौकसी को भी आरोपी बनाया है।

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