देश में दो साल में 6300 लोगों पर दर्ज हुआ राजद्रोह का केस

नई दिल्ली : सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर राजद्रोह कानून के इस्तेमाल का ट्रेंड बढ़ रहा है। पिछले दो साल में 6300 लोगों पर राजद्रोह का केस दर्ज हुआ है। गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून यानी ‘यूएपीए’ और राजद्रोह यानी भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए के सबसे ज्यादा मामले 2016 से 2019 के बीच दर्ज हुए हैं। इनमें अकेले ‘यूएपीए’ के तहत 5,922 मामले दर्ज हुए हैं।

साल 2020 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध में 25, दिल्ली दंगों के बाद 26, हाथरस गैंगरेप के बाद 22 और पुलवामा हमले के बाद 27 केस राजद्रोह के दर्ज हुए थे। इनमें करीब 3000 आरोपी हैं। बता दें, 4 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने टूलकिट बनाने वाले अज्ञात लोगों पर सरकार के खिलाफ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जंग छेड़ने का केस दर्ज किया था।

ये केस देशद्रोह, आपराधिक साजिश और अन्य धाराओं में दर्ज हुए। उसी मामले में पुलिस एक्टिविस्ट दिशा रवि समेत अन्य पर कार्रवाई कर रही है। दूसरी ओर, केंद्रीय राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा है कि भारत विरोधी तत्व देश में अस्थिरता फैलाना चाहते हैं। इसलिए राजधानी दिल्ली उनका केंद्र बिंदु बना हुआ है।

2014-2020 तक राजद्रोह के केस

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- हिंसा, असंतोष, अराजकता न फैले तो सरकार की आलोचना राजद्रोह नहीं।

सरकार की आलोचना राजद्रोह नहीं

शांतनु को जमानत, दिल्ली पुलिस बोली- दिशा ने ग्रेटा से कहा टूलकिट शेयर मत करो, इसमें हमारे नाम हैं

बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने एक्टिविस्ट शांतनु मुलुक को 10 दिन की अंतरिम जमानत दे दी। आरोप है शांतनु ने भी दिशा और निकिता के साथ टूलकिट बनाई थी। वहीं, मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने बताया कि ग्रेटा थनबर्ग ने जब किसान प्रदर्शन से जुड़ी टूलकिट शेयर की, उसके तुरंत बाद एक्टिविस्ट दिशा ने उसे वॉट्सएप मैसेज किया।

कहा- यह टूलकिट शेयर न करें, इसमें सभी के नाम हैं। हम पर यूएपीए केस लग सकता है। सूत्रों के मुताबिक, इंटरनेशनल फार्मर स्ट्राइक नाम का ये ग्रुप किसानों से जुड़ी गतिविधियों से लोगों को जोड़ने के लिए बनाया गया था। पुलिस ने बताया कि इस ग्रुप को 6 दिसंबर को बनाया गया और इसमें 10 मेंबर्स जुड़े थे।

बाद में दिशा ने अपने फोन से सभी के नंबर डिलीट कर दिए। उधर, दिल्ली की एक अदालत ने एक्टिविस्ट दिशा रवि को गर्म कपड़े, मास्क और किताबें लेने की इजाजत दे दी है। साथ ही दिशा को उनकी मां और परिवार के दूसरे सदस्यों से बात करने की परमिशन भी दी गई है।

दिशा एफआईआर की कॉपी और गिरफ्तारी की कार्रवाई से जुड़े दूसरे दस्तावेज की कॉपी भी देख सकेंगी। दिशा की गिरफ्तारी पर विपक्ष और देशभर के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने ऐतराज जताया है। किसान नेताओं ने भी दिशा की बिना शर्त रिहाई की मांग की है।

दिल्ली महिला आयोग ने दिशा की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस को नोटिस देकर पूछा है कि क्या दिशा की गिरफ्तारी के दौरान तय प्रक्रियाओं का पालन नहीं हुआ था?पुलिस ने गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा को भड़काने का मुख्य आरोपी दीप सिद्धू को माना है। कोर्ट ने सिद्धू की पुलिस रिमांड सात दिन के लिए बढ़ा दी है।

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