स्थानीय निकाय चुनावों में गठबंधन स्थानीय नेताओं से विचार-विमर्श के बाद: कांग्रेस

मुंबई : महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस पार्लियामेंट्री बोर्ड की मंगलवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है कि स्थानीय निकायों के चुनावों में गठबंधन का फैसला स्थानीय नेतृत्व से विचार विमर्श के बाद ही लिया जाएगा। इस संदर्भ में एक प्रस्ताव पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक में पास किया गया।

प्रदेश पार्लियामेंट बोर्ड की बैठक में सबसे अहम प्रस्ताव कांग्रेस के गत वैभव को वापस पाने के लिए संकल्प प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें पार्टी को नीचे से ऊपर तक मजबूत बनाने के लिए छह महीने के समयबद्ध कार्यक्रम का ऐलान किया गया है। इतना ही नहीं नेताओं को जिम्मेदारियां भी बांटी गई हैं।

बैठक में पारित अन्य प्रस्तावों में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि और श्रम कानूनों को रद्द करने की मांग की गई और इन कानूनों को महाराष्ट्र में लागू न होने देने के लिए आवश्यक कानूनी प्रावधान करने की बात कही गई। एक अन्य प्रस्ताव में वैधानिक मंडल स्थापित कर उन्हें निधि आवंटित करने की मांग की गई। कांग्रेस प्रदेश पार्लियामेंट्री बोर्ड ने मराठा और मुस्लिम आरक्षण को अपना समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि अन्य किसी समाज के आरक्षण में कटौती किए बिना इन दोनों समाजों को भी आरक्षण मिलना चाहिए। राज्य के आदिवासी पिछड़े और अल्पसंख्यक समाज को न्याय देने के लिए बजट में पर्याप्त राशि का प्रावधान करने और यह राशि समय पर खर्च करने का कानून बनाने की मांग का प्रस्ताव भी पारित किया गया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पाटोले की अध्यक्षता और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी एसके पाटील की मौजूदगी में हुई 32 सदस्यीय प्रदेश पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक में बालासाहेब थोरात, सुशीलकुमार शिंदे, अशोक चव्हाण, पृथ्वीराज चव्हाण, नसीम खान, असलम शेख समेत सभी मंत्री और संगठन बड़े नेता उपस्थित थे।

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