देश की छवि खराब करने व खालिस्तानी एजेंडा बढ़ाने की थी साजिश

नई दिल्ली : किसान आंदोलन में टूलकिट मामला और उससे संबंधित हुई गिरफ्तारी को लेकर दिल्ली पुलिस ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। दिल्ली पुलिस ने कहा कि इस टूलकिट को दिशा रवि, निकिता और शांतनु ने मिलकर तैयार किया था। इस गूगल डॉक्यूमेंट को शांतनु की ओर से बनाई गई ई-मेल आईडी के जरिए तैयार किया गया था। पुलिस को इस मामले में अब निकिता जैकब और शांतनु की तलाश है।

इन दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। मामले में गिरफ्तार हो चुकी दिशा रवि पुलिस की हिरासत में है, जिससे पूछताछ का सिलसिला जारी है। पुलिस के मुताबिक खालिस्तानी संगठन से जुड़े पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन के मो. धालीवाल ने कनाडा में रह रही पुनीत के माध्यम से निकिता जैकब से संपर्क किया था।

गणतंत्र दिवस से पहले इनकी जूम मीटिंग हुई, जिसमें मो. धालीवाल, निकिता जैकब, दिशा रवि समेत काफी लोग शामिल थे। पुलिस सूत्रों का कहना है मीटिंग में करीब 60 लोग शामिल हुए थे। मीटिंग में ट्विटर पर किसान आंदोलन से जुड़े भड़काऊ हैशटैग्स को ट्रेंड कराने की रणनीति पर बात हुई थी।

इन लोगों का मकसद था कि किसानों के आंदोलन को विश्व स्तर पर बड़ा किया जा सके, ताकि भारत की छवि वैश्विक स्तर पर खराब हो। देश की छवि को नुकसान पहुंचाने के इरादे से ही टूलकिट को बनाया गया था।

आए नए नाम, मास्टर माइंड है पीटर फेड्रिक

टूल किट मामले की पुलिस जांच में एक नया नाम जुड़ गया है। पता चला इस टूलकिट के पीछे का दिमाग पीटर फेड्रिक का है। उसी ने प्लान बनाया था कि इसे किसे हैशटैग करना है। किसे फॉलो करना है। कब कौन सा ट्वीट करना है। इस डॉक्यूमेंट को कुछ लोगों के साथ ही शेयर किया जाना था, लेकिन ग्रेटा ने इसे गलती से ट्वीट कर दिया।

इस टूल किट में जो एक्शन प्लान बना, उसे 26 जनवरी को वैसे ही अंजाम दिया गया। इस साजिश को अंजाम तक पहुंचाने के लिए वॉट्सएप ग्रुप बनाया गया था। पुलिस के मुताबिक जहां टूल किट में 26 जनवरी को डिजिटल स्ट्राइक की स्क्रिप्ट थी वहीं इसके दूसरे भाग में भारत की सांस्कृतिक विरासत को नष्ट करने की बात कही गई थी।

पुलिस की जांच में दिशा रवि के मोबाइल से संवेदनशील जानकारियां मिली हैं। इसने मोबाइल से एक वॉट्सग्रुप को भी डिलीट कर दिया था। उसने टूलकिट ग्रेटा को टेलीग्राफ एप के जरिए भेजी थी। पुलिस का कहना है दिशा रवि ने जो टूल किट एडिट किया था, उसमें पीटर फेड्रिक को भी टैग किया गया था। ये लोग खालिस्तानी भजन सिंह भींडर के संपर्क में थे।

प्रियंका बोलीं, डरते हैं एक निहत्थी लड़की से

टूल किट मामले में दिशा रवि की गिरफ्तारी का कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने विरोध किया है।

प्रियंका ने सोशल मीडिया में सरकार पर तंज कसते हुए लिखा, ‘डरते हैं बंदूकों वाले एक निहत्थी लड़की से, फैले हैं हिम्मत के उजाले एक निहत्थी लड़की से।’राहुल गांधी ने लिखा, ‘बोल कि लब आजाद हैं तेरे, बोल कि सच जिंदा है अब तक!’दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी दिशा की गिरफ्तारी का विरोध किया।भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता नेता सीताराम येचुरी ने कहा, ‘मोदी राज ये सोचता है कि किसानों की पोती को गिरफ्तार करने से किसानों का संघर्ष कमजोर पड़ जाएगा।’समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, ‘सवाल ये है कि उन लोगों को कब गिरफ्तार किया जाएगा, जो अपने शब्दों की टूलकिट से सुबह-शाम देश और समाज की एकता को तोड़ रहे हैं। जो नफरत और बंटवारे को बढ़ावा दे रहे हैं।’किसान नेता दर्शनपाल सिंह ने कहा, संयुक्त किसान मोर्चा युवा क्लाइमेट एक्टिविस्ट की गिरफ्तारी का विरोध करता है, जिन्होंने किसानों का समर्थन किया।

गिरफ्तार करने वाले भी यह नहीं बता रहे कि कौनसी लाइन को अपराध मान रहे

टूल किट पढ़िए। एक-एक शब्द पढ़िए। टूल किट पढ़ने से साफ होता है कि एक भी लाइन में कुछ भी गलत नहीं है। एक भी लाइन नहीं बता सकते जो यह बताती हो कि ये अपराध है। गिरफ्तार करने वाले भी यह नहीं बताते कि कौन सी लाइन को अपराध मान रहे हैं। संविधान के हिसाब से गिरफ्तारी गलत है। कानून के हिसाब से दिशा रवि को छोड़ना पड़ेगा। प्रोटेस्ट करना अपराध कैसे हो गया?

किसानों को सपोर्ट करना अपराध कैसे हो गया? ये तो संवैधानिक अधिकार है। ऐसी गिरफ्तारी और युवाओं के प्रोटेस्ट को दबाने से पूरे विश्व में क्या संदेश जाएगा? दुनिया में आएगा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में प्रोटेस्ट करना अपराध हो गया है।

विश्व में सरकार खुद अपने ही देश की छवि को बर्बाद कर रही है। प्रोटेस्ट को सरकार बेजिंग वार (छद्म युद्ध) का नाम दे रही है? ये बेजिंग वार कैसे हो गया? देश में बहुत काम हैं करने के लिए। अच्छे कामों में सरकार को व्यस्त रहना चाहिए।

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