नौकरी के नाम पर ऐसे हो रहा साइबर फ्रॉड

मुंबई : मुंबई के मालाड में प्रकाश कॉलेज के छात्र राकेश वाघमारे (बदला नाम) को नौकरी की जरूरत थी। राकेश ने सोशल मीडिया पर कोका कोला कंपनी का विज्ञापन देखा और नौकरी के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर दिया। अप्लाई करने के कुछ देर बाद राकेश को किसी अज्ञात व्यक्ति ने कोका कोला कंपनी की ओर से लिंक और ईमेल भेजा, जिसे राकेश ने ओरिजिनल कंपनी मानते हुए बिना देरी किए ओपन कर दिया।

लिंक ओपन कर राकेश ने उसमें दिए गए सभी निर्देशों का पालन किया। इन निर्देशों का पालन करते ही कुछ देर के बाद राकेश से कुछ निजी जानकारी मांगी गई, जिसे राकेश ने दे दी। उनके द्वारा दी इस गोपनीय जानकारी के कुछ देर बाद उनके बैंक खाते से 5 हजार रुपये निकलने का मेसेज आया।

छात्रा के अकाउंट से कटे 3,000 रुपये
कुछ ऐसा ही कांदिवली के ठाकुर कॉलेज की छात्रा गरिमा के साथ हुआ। गरिमा ने भी पढ़ाई खत्म कर सर्च इंजन पर कोका कोला कंपनी का विज्ञापन देखा और नौकरी के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर दिया। गरिमा के साथ भी 3 हजार रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी हो गई।

दर्जनभर से ज्यादा लोगों के साथ ठगी
ऐसी करीब दर्जनभर शिकायतें मुंबई साइबर सेल को मिली हैं। इनमें अज्ञात लोगों द्वारा कोका कोला कंपनी में नौकरी दिए जाने का झांसा देकर उनके साथ ऑनलाइन ठगी की वारदात को अंजाम दिया है।

साइबर क्राइम पुलिस ने किया अलर्ट
मुंबई साइबर क्राइम ब्रांच की डीसीपी डॉ. रश्मि करंदीकर ने बताया कि कोका कोला कंपनी की ओर से ऐसा कोई विज्ञापन जारी नहीं किया गया है। कोका कोला एक ब्रांडेड कंपनी है।

इस कंपनी के नाम पर साइबर क्रिमिनल लोगों को गुमराह कर उनके बैंक खातों में सेंधमारी कर रहे हैं। इसलिए नौकरी के इच्छुक लोगों से अपील है कि वे इस तरह के फर्जी जॉब लिंक, फर्जी जॉब मेसेज, फर्जी जॉब ऑडियो विडियो क्लिप या जॉब देने वाले फर्जी वेबसाइट एवं पोर्टल से दूर रहें।

डीसीपी ने कहा रखें ध्यान, कंपनियां ऐसे नहीं देती नौकरियां
कोई भी कंपनी अगर ओरिजिनल है और वह नौकरी पर लोगों को रखते हैं, तो इसके लिए वे उम्मीदवारों का बिना चेहरा देखें हुए ऑनलाइन इंटरव्यू नहीं करते हैं।

ओरिजिनल कंपनी ऑनलाइन इंटरव्यू के लिए विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए या उम्मीदवारों को अपने ऑफिस में बुलाकर उनका इंटरव्यू करते हैं। ई-मेल, मेसेज, लिंक या ऑडियो-विडियो क्लिप्स एवं गोपनीय जानकारी मांग कर इंटरव्यू एवं नौकरी देने का काम साइबर क्रिमिनल्स करते हैं।

कोई भी ओरिजिनल कंपनी नौकरी पर रखने के लिए फेस टू फेस या विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उम्मीदवारों का इंटरव्यू करती है। इसलिए संबंधित कंपनी की जानकारी हासिल करने के लिए उस कंपनी के बारे में रिसर्च करें और किसी भी तरह की शंका होने पर साइबर पुलिस को सूचित या धोखाधड़ी होने पर cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

डीसीपी डॉ. रश्मि करंदीकर, मुंबई साइबर क्राइम ब्रांच

अनजान को न दें निजी जानकारी
डीसीपी डॉ. करंदीकर ने युवाओं से अपील है कि ऐसे अज्ञात लोगों की प्रलोभन भरी बातों में न फंसे। अज्ञात लोगों को नौकरी के नाम पर या केवाईसी अपडेट करने के नाम पर या फिर महंगे गिफ्ट प्राप्त होने के नाम पर अपनी बैंकिंग या अपनी सोशल मीडिया की निजी जानकारी कतई न दें।

आपकी जानकारी हासिल कर साइबर क्रिमिनल्स आपके बैंक खातों में सेंधमारी कर सकते हैं या आपकी निजी जानकारी के आधार पर आपको वह ब्लैकमेल कर सकते हैं। इस तरह के ऑनलाइन फॉर्म से लोग दूर रहें।

ऐसे पता करें असली-नकली कंपनियां

– नौकरी देने वाली कंपनियों की हकीकत जानने के लिए उसके बारे में रिसर्च करें।
– हमेशा कंपनियों के नाम के बाद Fake, Fraud और Scam शब्द लिखकर सर्च करें।
– सर्च इंजन पर पता करें कि नौकरी देने वाले कंपनी फर्जीवाड़ा तो नहीं किया है।
– ओरिजनल कंपनी प्रत्यक्ष रूप से या विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही इंटरव्यू करते हैं।
– नौकरी देने वाली कंपनियों के ईमेल आईडी और वेबसाइट की गहन छानबीन करें।
– ओरिजनल कंपनी कभी नौकरी के बदले पैसा, वर्क परमिट या वीजा के लिए पैसों की मांग नहीं करती है।
– भारत से बाहर की कंपनियों व व्यक्तियों द्वारा नौकरी दिए जाने के प्रस्ताव पर सावधानी बरतें।

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