थायराइड के मरीज भूलकर भी न खाएं ये 6 चीजें

जिन सब्जियों में ज्यादा मात्रा में फाइबर मौजूद होता है जैसे- ब्रोकली, पालक और गोभी आदि। ऐसी सब्जियों को खाने से आपको बचना चाहिए। इस तरह की सब्जियों का सेवन करने से थायराइड हार्मोंस के स्त्राव को काफी जल्दी असर करता है।

हमारी लाइफस्टाइल का अच्छा और बुरा असर सेहत पर पड़ता है। आजकल इसके बुरे असर से अधिक्तर लोग थायराइड के शिकार बन रहे हैं। ऐसे में ये समस्या डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के बाद सबसे ज्यादा संख्या में होने वाली बीमारी मानी जा रही है। थायराइड के दौरान कुछ लोग बढ़ते मोटापा वाले हैं तो कुछ वजन घटने वाले मरीज हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि थाराइड के लक्षण जल्दी नजर नहीं आते हैं, मगर रेगुलर चेकअप के जरिए इसका पता किया जा सकता है। थायराइड होने पर खानपान का खास ध्यान रखना चाहिए। इसे लेकर की गई लापरवाही से मरीजों के लिए समस्या बढ़ सकती है। अगर आप भी थायरइज के मरीज हैं तो आपके लिए उन चीजों के बारे में जान लेना जरूरी है जिनसे समस्या बढ़ सकती है, आइए आपको उन 6 चीजों के बारे में विस्तार से बताते हैं…

अधिक फाइबर युक्त सब्जियों से बचें

जिन सब्जियों में ज्यादा मात्रा में फाइबर मौजूद होता है जैसे- ब्रोकली, पालक और गोभी आदि। ऐसी सब्जियों को खाने से आपको बचना चाहिए। इस तरह की सब्जियों का सेवन करने से थायराइड हार्मोंस के स्त्राव को काफी जल्दी असर करता है। विशेषतौर पर थायराइड के वो मरीज इन सब्जियों का सेवन न करें जिनमें आयोडीन की मात्रा कम होती है।

सोयाबीन का सेवन न करें

थाइराइड मरीजों के लिए सोयाबीन का सेवन करना काफी खतरनाक माना जाता है। चिकित्सकों के अनुसार जो लोग थाइराइड के मरीज हैं और उन्हें रोजाना दवाई खानी होती है, ऐसे लोगों के लिए सोयाबीन ज्यादा नुकसानदायक हो सकती है। इसके थोड़े से भी सेवन से आप अपने दवाई के कोर्स में 1 हफ्ते पीछे हो जाते हैं और आपको दवा असर नहीं करती है। सोयाबीन में फयटोएस्ट्रोजन मौजूद होता है जो थाइराइड हार्मोंस का निर्माण करने वाले एंजाइम के कार्यप्रणाली को प्रभावित करने में मददगार साबित होता है। इसलिए थाइराइड के मरीजों को सोयाबीन का सेवन करने से बचना चाहिए। एक शोध के मुताबिक ऐसी महिलाएं जो सोयाबीन का ज्यादा सेवन करती हैं उनमें हाइपोथाइराडिज्म का विकास होने की आशंका ज्यादा होता है।

शराब और कैफीन

थायराइड के मरीजों को शराब और कैफीन का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे थायराइड के स्तर और ग्रंथि प्रभावित होते हैं। इसके अलावा शराब और कैफीन का सेवन करने से थायरइड की दवा का असर भी कम हो जाता है।

रेड मीट

रेड मीट में अधिक मात्रा में सेचुरेटेड फैट और कॉलेस्ट्रॉल मौजूद होने से थायरइड मरीजों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके सेवन से फैट काफी जल्दी बढ़ता है। इसके अलावा शरीर में जलन जैसी परेशानी भी होने लगती है। डॉक्टर के अनुसार थायराइड के मरीज अगर रेड मीट का सेवन करते हैं तो उनकी धड़कने तेज, घबराहट और वजन बढ़ने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

कम मात्रा में करें चीनी का सेवन

थायराइड के मरीजों को कम से कम मात्रा में चीनी का सेवन करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि चीनी का अधिक सेवन करने पर आपकी पाचन क्रिया प्रभावित होती है और तेजी से वजन बढ़ने लगता है। इसलिए अधिक शुगर और कैलोरी युक्त चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए।

प्रोसेस्ड फूड

प्रोसेस्ड फूड में अधिक मात्रा में सोडियम मौजूत होता है। ऐसे में थायराइड के मरीजों के लिए इस तरह के भोजन का सेवन करना नुकसानदायक हो सकता है। खासतौर पर हाइपोथायरायडिज्म और थायराइड की कमी वाले मरीजों का इसका सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा जिन लोगों का ब्लड प्रेशर हाई रहता है उन्हें 1।5 ग्राम से ज्यादा सोडियम का सेवन नहीं करना चाहिए।

वजन का बिना किसी विशेष कारण के घटना या बढ़ना थॉयराइड का सबसे पहला व प्रमुख लक्षण माना जाता है। वजन बढ़ना थायराइड हार्मोन के निम्न स्तर का संकेत दे सकता है, एक स्थिति जिसे हाइपोथायरायडिज्म कहा जाता है।

थॉयराइड आज के समय में एक आम स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है और महिलाओं में यह समस्या अधिक देखी जाती है। थॉयराइड वास्तव में एक तितली के आकार की ग्रंथि है, जो मेटाबॉलिज्म की स्पीड को नियंत्रित करने वाले हार्मोन का उत्पादन करती है। थायराइड विकार थायराइड हार्मोन के उत्पादन को बाधित करके चयापचय को धीमा या संशोधित कर सकते हैं। ऐसे में जब हार्मोन का स्तर बहुत कम या बहुत अधिक हो जाता है, तो आपको इसके लक्षण भी नजर आते हैं। तो चलिए आज उन्हीं लक्षणों पर चर्चा करते हैं−

वजन का बढ़ना या घटना

हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि वजन का बिना किसी विशेष कारण के घटना या बढ़ना थॉयराइड का सबसे पहला व प्रमुख लक्षण माना जाता है। वजन बढ़ना थायराइड हार्मोन के निम्न स्तर का संकेत दे सकता है, एक स्थिति जिसे हाइपोथायरायडिज्म कहा जाता है। इसके विपरीत, यदि थायरॉयड शरीर की जरूरत से ज्यादा हार्मोन का उत्पादन करता है, तो आप अप्रत्याशित रूप से अपना वजन कम कर सकते हैं। यह हाइपरथायरायडिज्म के रूप में जाना जाता है।

गर्दन में सूजन

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, थॉयराइड होने पर अक्सर गर्दन में सूजन भी हो सकती है। थॉयराइड होने पर आपको गलगंड भी हो सकता है। कभी−कभी गर्दन में सूजन थायरॉयड कैंसर या नोड्यूल के कारण हो सकती है, एक गांठ जो थायरॉयड के अंदर बढ़ती है।

हार्ट रेट में बदलाव

थायराइड हार्मोन शरीर के लगभग हर अंग को प्रभावित करते हैं और इसमें आपका हृदय भी शामिल है। हाइपोथायरायडिज्म से प्रभावित लोगों में हृदय की गति को सामान्य से धीमी हो सकती है। वहीं, हाइपरथायरायडिज्म के कारण हृदय तेज हो सकता है।

ऊर्जा या मूड में परिवर्तन

थायराइड विकार का आपके ऊर्जा स्तर और मूड पर भी प्रभाव पड़ता है। हाइपोथायरायडिज्म लोगों को थका हुआ, सुस्त और उदास महसूस कराता है। हाइपरथायरायडिज्म के कारण चिंता, नींद न आना, बेचैनी और चिड़चिड़ापन हो सकता है।

बालों का झड़ना

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, बालों का झड़ना भी थॉयराइड विकार का एक लक्षण है। हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायरायडिज्म दोनों के कारण बाल झड़ सकते हैं। ज्यादातर मामलों में, थायराइड विकार का इलाज होने के बाद बाल वापस उग जाते हैं।

बहुत अधिक ठंडा या गर्म महसूस होना

थायराइड विकार शरीर के तापमान को विनियमित करने की क्षमता को बाधित कर सकते हैं। हाइपोथायरायडिज्म वाले लोगों को अक्सर सामान्य से अधिक ठंड महसूस होती है। वहीं, हाइपरथायरायडिज्म का विपरीत प्रभाव पड़ता है, जिससे अत्यधिक पसीना और गर्मी का सामना करना पड़ता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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