25 फरवरी : दिव्या भारती का जन्मदिन

जामताड़ा (सर्च खबर) : इतिहास में घटित-घटनाएं, जन्म लिए व्यक्ति, विदा लिए महान व्यक्ति, पर्व और उत्सव से जुड़ी बहुत सी ऐसी बातें जो हमें कुछ सीख दे जाती है. और कहती है कि हमें भी अपने जीवन को जीनें का ढंग सीखना चाहिए. साथ ही कैसे संघर्ष, और उत्साह के साथ आगे बढ़ना है.इस तरह की तमाम बाते सामने आती है. हम आपको आगे विस्तार से जानकारी दें रहे है. अपने लेख में आज के इतिहास अर्थात 25 फरवरी से जुड़े इतिहास की आज ही के दिन देश-विदेश में क्या-क्या हुआ था किस प्रकार की घटना घटी आदि बातो से आपको अवगत कराएगे.दिव्या भारती का जन्मदिन

चहकता सा चेहरा, खूबसूरत आंखें और मिलनसार मिज़ाज। दिव्या भारती को जानने वाले अक्सर इन शब्दों के जरिए उनके व्यक्तित्व को परिभाषित करते हैं। बॉलीवुड में बहुत ही कम समय में अपनी पहचान बनाने में कामयाब रही दिव्या आज भी लोगों के ज़हन में बसती हैं। मात्र 19 साल की उम्र में जब दिव्या ने इस दुनिया को अलविदा कहा तो हर किसी की आंखें नम हो गई थीं। वे बॉलीवुड की सबसे ब्यूटीफुल एक्ट्रेस में से एक रहीं।दिव्या भारती का जन्मदिन 1

हिंदी फिल्मों में कॅरियर की शुरुआत में ही नई पहचान बना चुकी दिव्या के सपने उस वक्त टूट कर बिखर गए, जब वे अपनी बिल्डिंग के पांचवे माले से गिर गईं और हमेशा के लिए इस दुनिया से रुखसत हो गईं। उनकी इस तरह मौत लोगों के गले नहीं उतर रही थी, शायद यही कारण है कि इतने सालों बाद भी उनकी मौत को लेकर रहस्य बना हुआ है। 25 फ़रवरी को दिव्या भारती का जन्मदिन हैं। ऐसे में उनकी बर्थ एनिवर्सरी के के मौके पर आपको बताते हैं आखिर उस रात क्या हुआ था, जब यह हंसता मुस्कुराता चेहरा हमेशा के लिए खामोश हो गया था।

बिना ग्रिल वाली खिड़की ने ली दिव्या की जान?

5 अप्रैल, 1993 को महाराष्ट्र के मुंबई शहर में दिव्या भारती की अचानक मौत हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उसी दिन दिव्या ने मुंबई में अपने लिए 4बीएचके घर खरीदा था। इस बात को लेकर वे बहुत खुश थीं और इस बात की जानकारी उन्होंने अपने भाई को भी दी थी। लेकिन किसे पता था कि वे अपने इस सपनों के आशियाने में रह ही नहीं पाएंगी। दिव्या उसी दिन चेन्नई से एक फिल्म की शूटिंग करके लौटी थीं। उनके पैर में चोट लगी थी, इसलिए वे घर पर ही आराम करना चाहती थीं। रात करीब 10 बजे वर्सोवा स्थित ​तुलसी अपार्टमेंट में उनकी करीबी दोस्त कॉस्ट्यूम डिजाइनर और फैशन स्टाइलिस्ट नीता लुल्ला अपने पति के साथ उनके घर पहुंची। तीनों ने लीविंग रूम में बैठकर बातें की और ड्रिंक ली।

इस दौरान उनकी नौकरानी अमृता भी घर में ही थी। रात 11 बजे के आस-पास दिव्या भारती उठी और कमरे की खिड़की की तरफ चली गईं। वे खिड़की से ही अमृता से बातें कर रही थीं, वहीं नीता और उनके पति टीवी देख रहे थे। जिस खिड़की पर वे खड़ी थीं, उस पर ग्रिल नहीं थी। खिड़की पर खड़ी दिव्या जब मुड़ी और सीधे होने की कोशिश की, तब ही उनका संतु​लन बिगड़ गया और वे ​पांचवी मंजिल से नीचे गिर गईं।

जहां दिव्या गिरी वहां अमूमन गाड़ियां पार्क होती थी, लेकिन उस दिन कोई गाड़ी नहीं थीं। गिरते ही यह एक्ट्रेस खून से लथपथ हो गई, लेकिन उनकी सांसे चल रही थीं। इसके बाद उन्हें तुरंत कूपर हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां इमरजेंसी वार्ड में उन्होंने दम तोड़ दिया और हमेशा के लिए दिव्या सभी को छोड़कर चली गईं।

दिव्या का सुसाइड, मर्डर या एक्सीडेंटल डेथ?

दिव्या भारती का यूं कम उम्र में चले जाना किसी के भी गले नहीं उतर रहा था। उनकी अचानक मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए थे। खबरों के अनुसार उनकी मौत के अलग-अलग पहलू लोगों के सामने आ रहे थे।

1. माना जा रहा था कि उनके पति साजिद नाडियादवाला ने उनके मर्डर की प्लानिंग की थी। इसी कारण जब वे मुंबई लौटी तो साजिद उनसे नहीं मिले थे, ताकि इंवेस्टिगेशन में वह बता सके कि उनकी मुलाकात ही नहीं हुई।

2. कहा जाता है कि दिव्या भारती ने खुदकुशी की, क्योंकि वे अवसाद में थीं। उन्होंने साजिद से शादी करने के लिए अपना धर्म बदला था, इस कारण वे अपने माता-पिता से दूर हो गई थीं और यह बात उन्हें हमेशा परेशान करती थी। दूसरा साजिद के रिश्ते अंडरवर्ल्ड से थे इस कारण दिव्या काफ़ी परेशान रहती थीं।

3. इसके अलावा तीसरा कारण यह भी माना जा रहा था कि उस दिन दिव्या ने बहुत ज्यादा ही शराब पी ली थी, इसलिए उनकी मौत सिर्फ एक एक्सीडेंट थी।

उल्लेखनीय बात यह है कि विभिन्न पक्षों की तहकीकात करने के बाद वर्ष 1998 में पुलिस ने दिव्या भारती की मौत से जुड़ी फाइल बंद कर दी और उनकी मौत फैंस के लिए हमेशा की एक पहेली बनकर रह गईं।

क्रिकेट में जब भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज की बात होती है तो बेसाख्ता डॉन ब्रैडमैन का नाम लिया जाता है. ऑस्ट्रेलिया के इस बल्लेबाज के रिकॉर्ड का पहाड़ इतना ऊंचा था कि उसे लांघने में दुनिया के बेहतरीन बल्लेबाजों को कई बरस लगे. हालांकि उनके कुछ रिकॉर्ड आज भी अटूट बने हुए हैं. 25 फरवरी 2001 को 92 वर्ष की आयु में अंतिम सांस लेने वाले सर डोनाल्ड जार्ज ब्रैडमैन ने टेस्ट क्रिकेट में 99.94 की औसत से 6,996 रन बनाए. उनके इस औसत को आज तक कोई बल्लेबाज छू भी नहीं पाया है.ब्रैडमैन के कुछ रिकॉर्ड्स की बात करें तो उन्होंने 1928 से 1948 के बीच इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए मैचों में: हर पारी में 100 रन बनाते हुए: कुल 19 शतक बनाए. 1930 में इंग्लैंड के अपने पहले दौरे में उन्होंने 334 रन के व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड बनाया. यह रिकॉर्ड बाद में तोड़ दिया गया, लेकिन उस समय एक पारी में तिहरा शतक जमाना सपने जैसा था. उन्होंने 1934 में भी इंग्लैंड के खिलाफ 304 रन बनाकर इस कारनामे को एक बार फिर अंजाम दिया था.

आज ही के दिन फिलीपींस की राजनीति में नया बदलाव आया था. फिलीपींस के तानाशाह फर्डिनांड मार्कोस के खिलाफ लंबा संघर्ष करने के बाद पहली बार मारिया कोराजोन अकीनो आज पहली बार देश की पहली महिला राष्ट्रपति बनी थीं.25 फरवरी 1986 को मारिया कोराजोन अकीनो के फिलीपिंस की राष्ट्रपति बनने के साथ ही देश में तानाशाह फर्डिनांड मार्कोस का शासन भी खत्म हो गया. पूर्व नेता मार्कोस ने 1973 में देश के संविधान को बदलते हुए असीम शक्तियां हासिल कर ली थी. 7 फरवरी 1986 को हुए राष्ट्रपति चुनाव में मार्कोस पर धांधली के आरोप लगे थे. जबकि अकीनो ने भी खुदको जायज तौर विजयी करार दिया.मार्कोस जबरन सत्ता में बने रहना चाहते थे. इसके लिए उन्होंने आपातकाल की घोषणा कर दी. लेकिन उनकी सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों ने आखिरी समय में पाला बदल लिया. मार्कोस से मुंह मोड़ते हुए उन्होंने अकीनो का राष्ट्रपति पद के लिए समर्थन किया. जब मार्कोस को लगा कि देश में उनके लिए कुछ नहीं बचा है तो वह अमेरिकी वायु सेना की मदद से हवाई भागने में कामयाब रहे.मार्कोस के देश से चले जाने के बाद मारिया कोराजोन अकीनो को देश का राष्ट्रपति बनाया गया. वे 1986 से 1992 तक फिलीपींस की राष्ट्रपति रहीं. अपने पति के साथ उन्होंने तानाशाह फर्डिनांड मार्कोस के खिलाफ संघर्ष किया था. अकीनो को लोकतंत्र की मां के नाम से भी पुकारा गया क्योंकि उन्होंने देश को एक नई दिशा दी. 1 अगस्त 2009 को अकीनो की 76 साल की उम्र में मृत्यु हो गई.

अकबर के दरबारी कवि बीरबल 1586 में विद्रोही यूसुफजई के साथ एक लड़ाई में मारे गये।

1600 में संत एकनाथ का निधन हुआ था.

1760 में लार्ड क्लाईव ने भारत छोड़ा था.

पिट्स रेग्यूलेट्री एक्ट 1788 में पारित किया गया।

सैमुएल कॉल्ट ने कॉल्ट रिवॉल्वर के लिए 1836 में पेटेंट लिया।

रूस ने जार्जिया की राजधानी तिब्लिसी पर 1921 में कब्जा किया।

पूर्व सोवियत संघ और जापान के बीच 1925 में राजनयिक रिश्ते कायम हुये।

जर्मनी पर 1945 में दूसरे विश्‍व युद्ध के दौरान टर्की ने युद्ध की घोषणा की।

नार्वे की राजधानी ओस्लो में 1952 में छठे शीतकालीन ओलंपिक खेलों का समापन हुआ।

1962 में आम चुनाव में कांग्रेस पार्टी की जीत हुई।

मारिया कोराजोन अकीनो के सन 1986 में फिलीपिंस की राष्ट्रपति बनने के साथ ही देश में तानाशाह फर्डिनांड मार्कोस का शासन भी खत्म हो गया।

सतह से सतह तक मार करने वाली भारत की प्रथम मिसाइल पृथ्वी का 1988 में सफल प्रक्षेपण।

खाड़ी युद्ध: इराक के एक मिसाइल ने 1991 में सउदी अरब स्थित लगभग 30 के करीब अमेरिकी सैनिकों को मार डाला था।

भारत के साथ रूस की निचली संसद ड्यूमा द्वारा 2000 में द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि का अनुमोदन।

दीपा मेहता की फ़िल्म ‘वाटर’ को 2006 में ‘गोल्डेन किन्नारी’ पुरस्कार मिला।

सेंचुरियन बैंक ऑफ़ पंजाब व एच.डी.एफ.सी. के विलय के लिए 2008 में शेयर अनुपात को मंज़ूरी दी गई।

फ़िल्म ‘नौ कंट्री फ़ॉर ओल्ड मैन’ को 2008 में 80वें आस्कर एकेडमी में वर्ष की सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म चुना गया।

आईपीएल टूर्नामेंट के निदेशक के रूप में 2009 में पूर्व सैन्य अधिकारी धीरज मल्होत्रा नियुक्त हुए।

2011- भारतीय सेना ने झारखंड में जारी 34वें राष्ट्रीय खेलों में 62 स्वर्ण पदकों के साथ तालिका में पहला स्थान बनाए रखा है, जबकि मणिपुर ने तमाम उतार-चढ़ाव के बाद दूसरा स्थान हासिल कर लिया है।

25 फ़रवरी को हुए जन्म

  • 1707 में प्रसिद्ध इतालवी नाटककार कार्लो गोल्दोनी का जन्म।
  • 1894 में भारतीय धार्मिक नेता मेहर बाबा का जन्म।
  • 1897 में भारत के प्रसिद्ध विद्वान, साहित्यकार और शिक्षा शास्त्री अमरनाथ झा का जन्म।
  • 1925 में नाइजीरिया के राष्ट्रपति सेहु शगारी का जन्म।
  • 1948 में भारतीय अभिनेता डैनी डैनज़ोंग्पा का जन्म।
  • 1981 में भारतीय अभिनेता शाहिद कपूर का जन्म।
  • 1994 में बॉलीवुड अभिनेत्री उर्वशी उर्वशी रौतेलाका जन्म।

25 फ़रवरी को हुए निधन

  • जर्मन पत्रकार पॉल जूलियस रॉयटर का 1899 में निधन।
  • केरल के प्रसिद्ध समाज सुधारक मन्नत्तु पद्मनाभन का 1970 में निधन।
  • हिन्दी फ़िल्मों के प्रसिद्ध गीतकार एस. एच. बिहारी का 1987 में निधन।
  • ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर डॉन ब्रैडमैन का 2001 में निधन।
  • दक्षिण भारतीय सिनेमा के प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक बी. नागी रेड्डी का 2004 में निधन।
  • हंस राज खन्ना, भारत के उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश का 2008 में निधन।

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