मंगल से NASA के Perseverance रोवर ने भेजी पहली कलर फोटो

अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA का Perseverance रोवर मंगल की सतह पर सफलता से लैंडिंग के बाद अपने काम पर लग गया है। मंगल पर उतरते ही रोवर ने पहली दो तस्वीरें भेजी थीं। धीरे-धीरे और भी नजारे धरती तक पहुंचाए हैं। इनमें पहली कलर फोटो भी शामिल है। लैंडिंग से ठीक पहले ली गई रोवर की तस्वीर भी सामने आई है जो जेटपैक से ली गई है। रोवर में 23 कैमरे लगे हैं जो मंगल के Jezero Crater में जीवन की खोज करेंगे। इन कैमरों के जरिए कुछ अहम देखे जाने पर मिशन कंट्रोल रोबॉटिक आर्म की मदद से सैंपल कलेक्ट करेगा। (फोटो: NASA/JPL-Caltech)पहला रंगीन फोटो

यह इस मिशन से मिली पहली रंगीन तस्वीर है जिसमें मंगल की सतह दिखाई दे रही है। यह तस्वीर रोवर में लगे कलर Hazard Camera से ली गई है। Perseverance में 23 कैमरे और 2 माइक्रोफोन लगे हैं। इसके मास्ट में लगा मास्टकैम-Z ऐसे टार्गेट्स पर जूम करेगा जहां वैज्ञानिक दृष्टि से रोचक खोज की संभावना हो। मिशन की साइंस टीम Perseverance के SuperCam को इस टार्गेट पर लेजर फायर करने की कमांड देगी जिससे एक प्लाज्मा क्लाउड जनरेट होगा। इसके अनैलेसिस से टार्गेट की केमिकल बनावट को समझा जा सकेगा। अगर इसमें कुछ जरूरी मिला तो रोवर की रोबॉटिक आर्म आगे का काम करेगी।

ऐसे होगी खोज

इस हाई-रेजॉलूशन तस्वीर में रोवर में लगे 6 बड़े पहियों में से एक देखा जा सकता है। यह तस्वीर भी रोवर के कलर कैमरा Hazard Camera से ली गई है। Perseverance का सबसे खास फीचर है इसका सैंपल कैशिंग सिस्टम। मोटर, प्लैनेटरी गियरबॉक्स और सेंसर से बना यह क्लीन और कॉम्प्लेक्स मकैनिज्म पूरे मिशन की सफलता की अहम कड़ी है। मंगल पर मिले सैंपल्स को इसकी मदद से इकट्ठा करने के बाद सैंपल ट्यूब में डिपॉजिट कर दिया जाएगा। भविष्य में जब धरती से मिशन मंगल पर जाएंगे तो इससे ये सैंपल निकालकर वापस धरती पर लाएंगे। यहां इन्हें स्टडी किया जाएगा।

कहां हुई है लैंडिंग

Perseverance को Jezero Crater पर उतारा गया है जहां दो साल तक वह जीवन के निशान तलाशेगा। NASA के मुताबिक Perseverance के लिए ही जजेरो क्रेटर सबसे सही जगह है और वहां एक्सपेरिमेंट किए जा सकते हैं। जेजेरो एक सूखी हुई प्राचीन झील का तल है। मंगल पर यह सबसे पुराना और सबसे रोचक स्थान है। भले ही आज यह झील सूख चुकी हो, उम्मीद की जा रही है कि झील के तले में या किनारे सेडिमेंट में कार्बोनेटेड मिनरल्स मिल सकते हैं। धरती पर जीवाश्म इन्हीं में मिलते हैं, इसलिए हो सकता है कि ये मंगल के इतिहास की परतें भी खोल सकेंगे।

जब रच गया इतिहास

इससे पहले गुरुवार और शुक्रवार की रात के बीच मंगल की सतह पर रोवर लैंड हुआ था। जीवन की खोज में मंगल ग्रह पर NASA पहले दो रोवर InSight और Curiosity उतार चुकी है। NASA का Perseverance रोवर मंगल पर ऐस्ट्रोबायॉलजी से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब खोजेगा। इनमें से सबसे बड़ा सवाल है- क्या मंगल पर जीवन संभव है? यह मिशन न सिर्फ मंगल पर ऐसी जगहों की तलाश करेगा जहां पहले कभी जीवन रहा हो बल्कि अभी वहां मौजूद माइक्रोबियल लाइव के संकेत भी खोजेगा।

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