अधिकमास में यह काम करने से प्रसन्न होते हैं भगवान विष्णु

भगवान विष्णु को प्रसन्न करने का महीना अधिकमास का होता है। अधिकमास को भगवान विष्णु का विशेष वरदान प्राप्त है तथा भगवान विष्णु के नाम से ही अधिकमास को पुरूषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है। अधिकमास में अपनी हर मनोकमाना को पूर्ण करने के लिए भगवान विष्णु को प्रसन्न करना बहुत जरूरी है।

भगवान विष्णु की भक्ति कर उनका दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करने का महीना अधिकमास 18 सितम्बर से शुरू हो चुका है। अधिकमास को मलमास तथा पुरूषोत्तम मास भी कहा जाता है। यह मलमास 16 अक्टूबर तक रहेगा। इस मास में भगवान विष्णु की पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है। ज्योतिषाचार्यो की मानें तो इस बार का मलमास 165 वर्ष बाद आया है। जिसमें दुर्लभ संयोग बन रहें है। यह दुर्लभ योग यह है कि इस बार अधिकमास के बाद नवरात्रि आएगी। अधिकमास इसलिए भी आता है कि चंद्र और सूर्य के परिवर्तन से वर्ष में 11 दिनों का अंतर आ जाता है और उसी अंतर को समाप्त करने के लिये अधिक मास आता है। इस मास में भगवान विष्णु की जितनी भक्ति कि जाए उतनी कम है। मान्यता है कि इस मास में भगवान विष्णु की पूजा करने से वे अनेक प्रकार के लाभ देते हैं। आज हम आपको इस मास में भगवान विष्णु की पूजा कर उन्हें किस प्रकार प्रसन्न किया जाए यह बताने जा रहे हैं।

इस शंख से करें भगवान विष्णु का अभिषेक-

भगवान विष्णु ने पृथ्वी पर कई रूप में जन्म लिया है तथा बुराई को खत्म किया है। अधिकमास में की गई भगवान विष्णु की पूजा से अनेक प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं। भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए अधिकमास में प्रतिदिन मंदिर जाना चाहिए तथा इस मास में दक्षिणावर्ती शंख में साफ पानी भरकर उससे भगवान विष्णु का अभिषेक करना चाहिए। ऐसा करने से भगवान विष्णु बहुत ही जल्दी प्रसन्न होते हैं। साथ ही अधिकमास में भगवान विष्णु को खीर, पीले फल या पीले रंग की मिठाई का भोग लगाना चाहिए। क्योंकि पुरूषोत्तम मास में भगवान विष्णु को यह बहुत पसंद है। मलमास में अगर आप धन लाभ चाहते हैं तो भगवान विष्णु के साथ ही माता लक्ष्मी की भी पूजा करना चाहिए। इससे आपको धन लाभ मिलेगा और अटका हुआ धन की आने लगेगा।

पीपल के पेड़ पर चढ़ाए मीठा जल-

भगवान विष्णु को प्रसन्न करने का महीना अधिकमास का होता है। अधिकमास को भगवान विष्णु का विशेष वरदान प्राप्त है तथा भगवान विष्णु के नाम से ही अधिकमास को पुरूषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है। अधिकमास में अपनी हर मनोकमाना को पूर्ण करने के लिए भगवान विष्णु को प्रसन्न करना बहुत जरूरी है। मलमास में रोज शाम को तुलसी के सामने गाय के शुद्ध घी का दीपक लगाना चाहिए और तुलसी के पौधे को प्रतिदिन सुबह एवं शाम को प्रणाम करना चाहिए। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान विष्णु का वास पीपल के पेड़ में माना गया है। इसलिए मलमास में पीपल के पेड़ की भी पूजा करनी चाहिए। साथ ही अधिकमास में प्रतिदिन पीपल के पेड़ में पर मीठा जल चढ़ाना चाहिए। ऐसा करने से भगवान विष्णु बहुत ही जल्द प्रसन्न होते हैं। साथ ही अगर आप अपनी मनचाही मनोकामना भगवान विष्णु से पूर्ण करवाना चाहते हैं तो मलमास में गाय का कच्चा दूध अर्थात बिना उबाले हुए दूध में केसर मिलाकर भगवान विष्णु का अभिषेक करें। इससे आपकी मन इच्छा भगवान विष्णु बहुत ही जल्द पूरी करते हैं।

मंदिर में करें अन्नदान-

कहा जाता है कि एक समय अधिकमास को मलमास कहे जाने से वह बहुत ही नाराज हो गए। अपना दुख लेकर अधिकमास भगवान विष्णु की शरण में पहुंचे और उन्हें अपना दुखड़ा बताया। भगवान विष्णु ने अधिकमास की इस चिंता को सुनकर उसका समाधान करते हुए कहा कि अधिकमास को अब पुरूषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाएगा तथा जो भी व्यक्ति अधिकमास में मेरी भक्ति करेगा उसे तत्काल फल की प्राप्ति होगी। साथ ही भगवान विष्णु ने यह भी कहा कि कलयुग में मलमास में मेरी भक्ति करने से अनेक तरह के पापों से मुक्ति मिलेगी। जिसके बाद से ही मलमास की काफी अहम माना जाता है। इसलिए मलमास में जितना दान तथा धर्म किया जाए उतना कम है। इसलिए भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए मलमास में मंदिर जाकर अपनी कमाई के कुछ हिस्से का अन्न दान करना चाहिए। या फिर मंदिर में आप अपनी यथाशक्ति के अनुरूप में अन्न दान कर सकते हैं।

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