OTT पर 100 से ज्यादा पॉर्न फिल्में दिखाई जा रही थीं

मुंबई : केंद्र सरकार ने गुरुवार को सोशल मीडिया और ओवर-द-टॉप प्लैटफॉर्म के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। मुंबई पुलिस ने केंद्र सरकार के इस फैसले की तारीफ की। क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने कहा कि OTT (News OTT rules) पर जो अश्लील सामग्री दिखाई जा रही है। उम्मीद है नई गाइडलाइंस के बाद पॉर्न फिल्म बनाने और इन्हें बेचने वालों पर कुछ हद तक खौफ रहेगा।

पिछले एक पखवाड़े में सीनियर इंस्पेक्टर केदारी पवार, लक्ष्मीकांत सालुंखे और धीरज कोली की टीम ने पॉर्न फिल्मों से जुड़े रैकेट में नौ लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें अभिनेत्री गहना वशिष्ठ और एक बड़ी कंपनी में मैनेजिंग डायरेक्टर उमेश कामत के नाम प्रमुख हैं।

अधिकारी ने कहा, OTT प्लैटफॉर्म्स पर 100 से ज्यादा पॉर्न फिल्मों के सबूत

क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने एनबीटी से कहा कि उनके अब तक के इनवेस्टिगेशन में 100 से ज्यादा पॉर्न फिल्मों के OTT प्लेटफॉर्म्‍स पर दिखाए जाने के एविडेंस मिले हैं। हमारी जांच जारी है। ऐसा लगता है कि यह संख्या बहुत ज्यादा होगी। इस अधिकारी के अनुसार, उन्होंने गिरफ्तार आरोपियों से जब पूछताछ की, तो कुछ ने बताया कि पहले उन लोगों ने बिना किसी अश्लील कंटेंट की शॉर्ट फिल्में बनाईं। जब इन्हें देखनेवाले कम मिले, तो फिर उन्होंने अपनी फिल्मों में कुछ अश्लील सीन डालने शुरू किए। बाद में धीरे-धीरे यह लोग पूरी तरह से पॉर्न फिल्में बनाने लगे।

हर पॉर्न फिल्म में नई अभिनेत्री, यह है वजह

अधिकारी का कहना है कि ज्यादातर पॉर्न फिल्मों में हर फिल्म में नई अभिनेत्री ही ली गई। इसकी एक वजह यह थी कि ज्यादातर लड़कियों को शूटिंग से पहले असल कहानी बताई ही नहीं गई थी। जब उनसे जबरन पॉर्न फिल्म करवाई गई, तो बदनामी के डर में बहुत सी लड़कियों ने यह शहर ही छोड़ दिया।

पॉर्न फिल्मों में 20-25 साल की लड़कियों को लिया जाता था

क्राइम ब्रांच की जांच में यह बात सामने आई थी कि पॉर्न फिल्मों की शूटिंग के लिए 20 और 25 साल के बीच की लड़कियों का ही सेलेक्शन किया जाता था और उनके पॉर्न विडियो को फिर OTT के अलग-अलग ऐप्स पर अपलोड किया जाता था। 199 रुपये से लेकर 1999 रुपये की स्कीम में करोड़ों लोगों ने पॉर्न फिल्मों के इस तरह के ऐप्स को सब्सक्राइब किया।

रैकेट के भंडाफोड़ के बाद ऐसी फिल्में बनाने वालों में खौफ
एक अधिकारी के अनुसार, मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा पॉर्न फिल्मों के रैकेट के भंडाफोड़ के बाद इस तरह की फिल्में बनानेवालों में खौफ पैदा हो गया है, क्योंकि उन्हें पता चल गया है कि उनके गलत कामों को जांच एजेंसियां ऑनलॉइन मॉनिटर कर रही हैं। इस केस में जितने भी आरोपी अरेस्ट हुए हैं, उनमें से कई पर रेप के सेक्शन भी लगाए गए हैं, इसलिए ऐसे आरोपियों को आनेवाले कई महीनों या सालों तक शायद जमानत भी न मिले।

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