मुंबई में लॉकडाउन या नाइट कर्फ्यू की जरूरत नहीं

मुंबई : कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण दोबारा लॉकडाउन व नाइटकर्फ्यू की आशंका ने मुंबईकरों की चिंता बढ़ा दी है। इस बीच बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त सुरेश काकानी ने कहा कि मुंबईकर यदि कड़ाई से कोरोना नियमों का पालन करते हैं, तो अभी ऐसी स्थिति नहीं पैदा हुई है कि दोबारा लॉकडाउन लगाया जाए या नाइट कर्फ्यू लगाया जाए। उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि मुंबई में जल्द ही कोरोना पर काबू पा लिया जाएगा। काकानी ने कहा कि मुंबई में बड़े पैमाने पर कोरोना नियमों का उल्लंघन किया गया, जिसके कारण केस बढ़े हैं। बीएमसी ऐसे लोगों पर कार्रवाई कर रही है, हमें उम्मीद है कि जल्द ही कोरोना पर काबू पा लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि होटल, रेस्टोरेंट, नाइटक्लब, मैरिज हॉल, समुद्र के किनारे चौपाटियों, लोकल ट्रेन व अन्य सार्वजानिक स्थानों पर पिछले कुछ समय से काफी भीड़ इकठ्ठा हो रही है। चिंता की बात यह है कि इन स्थानों पर जाने वाले लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। ज्यादातर लोग मुंह पर मास्क लगाने से परहेज कर रहे हैं, सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, यह चिंता का विषय है। अब हमने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।

सभी वॉर्ड ऑफिसर्स को निर्देश दिया गया है कि वह होटलों, रेस्टोरेंट, बार, नाइटक्लब, मैरिज हॉल व अन्य स्थानों पर कार्रवाई करें। वहां जो भी नियमों का उल्लंघन करते हुए मिलें, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। मुंबई में पिछले दो दिनों में कई जगह कार्रवाई हुई है और सैकड़ों लोगों पर जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने कहा कि हमने जो सर्वे किया है, उसमें सामने आया है कि मुंबई में दोबारा कोरोना मरीजों की बढ़ती हुई संख्या के लिए सिर्फ लोकल ट्रेन जिम्मेदार नहीं है। आम लोगों के लिए लोकल ट्रेन शुरू होने के बाद से उसके कारण कुछ मरीजों की संख्या बढ़ी है, लेकिन पूरी तरह उसे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

‘हॉस्पिटल में पर्याप्त संख्या में बेड’
कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को रोकने के लिए बीएमसी प्रतिदिन औसतन 18 हजार लोगों का टेस्ट कर रही है। हॉस्पिटल में पर्याप्त संख्या में बेड, आईसीयू व ऑक्सीजन है। मुंबई में 82 प्रतिशत लोग कम लक्षण वाले मरीज मिल रहे हैं, जिन्हें होम क्वारंटीन किया जा रहा है। जबकि बाकि 18 प्रतिशत लोगों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया जा रहा है। मुंबई में अब भी हॉस्पिटल में 75 प्रतिशत बेड खाली हैं।

‘जुर्माने की आधी राशि बीएमसी को दें’
काकानी ने कहा कि होटल, रेस्टोरेंट व बार में कार्रवाई के दौरान पुलिस की मदद ली जा रही है। बिना मास्क वालों के खिलाफ बीएमसी के अलावा पुलिस भी कार्रवाई कर रही है। हमने पुलिस को सूचित किया है कि बिना मास्क वालों के खिलाफ कार्रवाई में जो जुर्माना जमा हो, उसका आधा हिस्सा बीएमसी में जमा किया जाए। बाकी आधी राशि पुलिस कल्याण के लिए खर्च हो।

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