सोमवार को अमेरिका से भारत पहुंचेगा 16 करोड़ का इंजेक्शन, तीरा कामत को मिलेगी संजीवनी बूटी

मुंबई : स्पाइनल मस्क्युलर एट्रोफी (एसएमए) बीमारी से जूझ रही पांच महीने की तीरा कामत को आगामी सप्ताह संजीवनी बूटी मिलनेवाली है। एसएमए बीमारी पर कारगर जोलगेंसमा इंजेक्शन सोमवार को अमेरिका से मुंबई आ जाएगा। डॉक्टर का कहना है कि इंजेक्शन के आते ही दो दिनों के भीतर तीरा को यह इंजेक्शन दिए जाने से उसे नई जिंदगी मिल पाएगी।

बता दें कि तीरा कामत, स्‍पाइनल मस्‍कुलर एट्रोफी एक न्यूरो मस्‍कुलर डिसऑर्डर से पीड़ित है। इससे पीड़ित बच्चा धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगता है और चलने-फिरने में असमर्थ हो जाता है, क्योंकि वह मांसपेशियों की गतिविधियों पर अपना कंट्रोल खो देता है।

जेनेटिक बीमारी है तीरा को
डॉक्टरों के अनुसार, यह एक जेनेटिक बीमारी है, जो जीन में गड़बड़ी होने पर अगली पीढ़ी में पहुंचती है। जोलगेंसमा नाम के एक इंजेक्‍शन से ही इसका इलाज संभव है। इस इंजेक्शन को खासतौर पर अमेरिका से मंगवाना पड़ता है और इसकी कीमत 16 करोड़ रुपये है।

केंद्र सरकार ने हटाई है इम्पोर्ट ड्यूटी
इम्‍पोर्ट ड्यूटी और टैक्‍स मिलाने के बाद इसकी कीमत 22 करोड़ रुपये पहुंच जाती है। केंद्र सरकार ने इंजेक्शन पर लगनेवाली इम्पोर्ट ड्यूटी और टैक्स की रकम करीब 6 करोड़ रुपये माफ कर दिया है। तीरा के माता-पिता ने क्राउडफंडिंग के जरिए इंजेक्शन की रकम जुटाई है।

सोमवार को मुंबई पहुंचेगा इंजेक्शन
तीरा का इलाज कर रही पी.डी. हिंदुजा अस्पताल की पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. नीलू देसाई ने बताया कि अमेरिका से इंजेक्शन मुंबई में सोमवार को आ जाएगा। इंजेक्शन आते ही तीरा को अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। इसके बाद सभी परीक्षण करने के बाद तीरा को इंजेक्शन दिया जाएगा।

एक महीने बाद दिखेगा सुधार
डॉक्टर ने बताया कि इंजेक्शन देने के एक महीने बाद तीरा में सुधार देखा जा सकता है। सबसे पहले तीरा के वेंटिलेटर से हटने का इंतेजार रहेगा। इसके बाद उसके हाथ-पैर में मूवमेंट, सांस लेने में आसानी आदि सुधार तीरा में धीरे-धीरे देखा जा सकेगा।

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