मंगल पर जीवन की खोज में जुटा NASA का Perseverance रोवर

वॉशिंगटन : अमेरिका की स्पेस एजेंसी NASA ने गुरुवार की रात विज्ञान की दुनिया में एक और मील का पत्थर अपने नाम किया है। जीवन की खोज में मंगल ग्रह पर पहले दो रोवर उतार चुकी NASA ने एक और रोवर की चुनौतीपूर्ण लैंडिंग कराने में सफलता हासिल की है। Perseverance रोवर लाल ग्रह के Jezero Crater पर उतरा तो NASA की जेट प्रोपल्शन लैबोरेटरी के मिशन कंट्रोल में जश्न मनाया जाने लगा। वहीं रोवर ने उतरते ही अपना काम शुरू कर दिया। आखिर क्यों यह मिशन बेहद अहम है, आइए जानते हैं…
क्या मंगल पर है जीवन?
NASA का Perseverance रोवर मंगल पर ऐस्ट्रोबायॉलजी से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब खोजेगा। इनमें से सबसे बड़ा सवाल है- क्या मंगल पर जीवन संभव है? यह मिशन न सिर्फ मंगल पर ऐसी जगहों की तलाश करेगा जहां पहले कभी जीवन रहा हो बल्कि अभी वहां मौजूद माइक्रोबियल लाइव के संकेत भी खोजेगा। Perseverance रोवर कोर वहां चट्टानों और मिट्टी से सैंपल लेगा और भविष्य में वहां जाने वाले मिशन इन सैंपल्स को धरती पर वापस लेकर आएंगे। दरअसल, इन सैंपल्स को स्टडी करने के लिए वैज्ञानिकों को बड़े लैब की जरूरत होगी जिसे मंगल पर ले जाना संभव नहीं है।क्या भेजे जा सकेंगे इंसान?
इसके अलावा मिशन ऐसी जानकारियां इकट्ठा करेगा और टेक्नॉलजी को टेस्ट करेगा जिनसे आने वाले समय में मंगल पर इंसानों को भेजने का तरीका खोजा जा सके। इसमें सबसे अहम होगा मंगल के वायुमंडल में ऑक्सिजन बनाने का तरीका खोजना। Perseverance में Mars Oxygen In-Situ Resource Utilization Experiment यानी MOXIE नाम की डिवाइस लगाई गई है जो वहां ऑक्सिजन पैदा करने की कोशिश करेगी।इनके अलावा सतह पर पानी खोजना, लैंड करने के बेहतर तरीके इजाद करना, ऐस्ट्रोनॉट्स के रहने लायक मौसम, धूल और पर्यावरण की स्थिति खोजना भी इस मिशन में शामिल है। Perseverance के साथ एक छोटा हेलिकॉप्टर Ingenuity भी भेजा गया है जो पृथ्वी के वायुमंडल को छोड़कर कहीं और उड़ाया जाने वाला पहला रोटरक्राफ्ट है। यह मंगल पर इस टेक्नॉलजी का डेमो होगा और इसकी मदद से ऐसी जगहों स्टडी आसान की जाएगी जहां रोवर या इंसान नहीं जा सकेंगे।कहां मिलेंगे जवाब?
लैंडिंग के बाद दो साल तक Perseverance Jezero Crater में जीवन के निशान तलाशेगा। NASA के मुताबिक Perseverance के लिए ही जजेरो क्रेटर सबसे सही जगह है और वहां एक्सपेरिमेंट किए जा सकते हैं। जेजेरो एक सूखी हुई प्राचीन झील का तल है। मंगल पर यह सबसे पुराना और सबसे रोचक स्थान है। भले ही आज यह झील सूख चुकी हो, उम्मीद की जा रही है कि झील के तले में या किनारे सेडिमेंट में कार्बोनेटेड मिनरल्स मिल सकते हैं। धरती पर जीवाश्म इन्हीं में मिलते हैं, इसलिए हो सकता है कि ये मंगल के इतिहास की परतें भी खोल सकेंगे।कैसे करेगा खोज?
Perseverance में 23 कैमरे और 2 माइक्रोफोन लगे हैं। इसके मास्ट में लगा मास्टकैम-Z ऐसे टार्गेट्स पर जूम करेगा जहां वैज्ञानिक दृष्टि से रोचक खोज की संभावना हो। मिशन की साइंस टीम Perseverance के SuperCam को इस टार्गेट पर लेजर फायर करने की कमांड देगी जिससे एक प्लाज्मा क्लाउड जनरेट होगा। इसके अनैलेसिस से टार्गेट की केमिकल बनावट को समझा जा सकेगा। अगर इसमें कुछ जरूरी मिला तो रोवर की रोबॉटिक आर्म आगे का काम करेगी।कैसे होगी स्टडी?
Perseverance का सबसे खास फीचर है इसका सैंपल कैशिंग सिस्टम। मोटर, प्लैनेटरी गियरबॉक्स और सेंसर से बना यह क्लीन और कॉम्प्लेक्स मकैनिज्म पूरे मिशन की सफलता की अहम कड़ी है। मंगल पर मिले सैंपल्स को इसकी मदद से इकट्ठा करने के बाद सैंपल ट्यूब में डिपॉजिट कर दिया जाएगा। भविष्य में जब धरती से मिशन मंगल पर जाएंगे तो इससे ये सैंपल निकालकर वापस धरती पर लाएंगे। यहां इन्हें स्टडी किया जाएगा।

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