कम आयात, खराब फसल और डीजल की कीमत बढ़ने से रसोई का बजट गड़बड़ाया

रांची : पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी और उत्पादक राज्यों में बारिश के कारण फसल कम होने का असर आज हर घर की रसोई में दिखाई दे रहा है। पिछले एक माह से खाद्य पदार्थों की कीमतों में 10 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है। रातू स्थित मारुति इंस्टेंट फूड इंडस्ट्री मिल के संचालक विजय परसुरामपुरिया ने बताया कि अभी अरहर दाल, उड़द और मूंग की दाल की कीमतें ऊंची है। अरहर दाल की कीमतों में मार्च से कुछ कमी आ सकती है।

क्योंकि नई फसल बाजार में आज जाएगी। हालांकि फसल लेट होने में आने के कारण मूंग और उड़द के दाम बढ़े रहेंगे। खाद्य तेलों के प्रमुख कारोबारी कमल छापड़िया ने बताया कि इस समय खाद्य तेलों की कीमत ज्यादा है। आने वाले दिनाें में कमी की गुंजाइश कम है। क्योंकि अभी सरसों की नई फसल आने में एक से डेढ़ महीने लगेंगे। होली में डिमांड भी बढ़ेगी, तो दाम बढ़ सकते हैं।

एक महीना में डीजल 5.04 रु. और पेट्रोल 3.52 रु. हुआ महंगा

पेट्रोल- डीजल की कीमतों में इजाफा है। एक महीना में पेट्रोल 3.52 व डीजल 5.04 रुपए लीटर तक महंगा हो गया है। इस साल 16 जनवरी को पेट्रोल 83.57 रुपए लीटर पर था। डीजल 79.24 रुपए लीटर था। 16 फरवरी को पेट्रोल बढ़कर 87.09 रुपए हो गया। वहीं, डीजल 84.28 रुपए हो गया। डीजल और पेट्रोल एक साल में करीब 14 रुपए लीटर महंगा हुआ है। पिछले साल 16 फरवरी को पेट्रोल 70.55 रुपए पर था और डीजल 66.06 रुपए पर था।

खाद्य तेलों के बढ़ने के 3 कारण

1. कोरोना के कारण 2020-21 में खाद्य तेलों का आयात देश में नहीं के बराबर हुआ है। इससे कमी हो गई।
2. हमारे देश में नई फसल आने में एक से डेढ़ महीने की देरी है।
3. पहले का स्टॉक कम बचा है और त्योहार व लगन के कारण डिमांड बढ़ती जा रही है।

दाल की कीमत बढ़ने के 3 कारण

1. केंद्र सरकार ने सभी दालों का आयात शुल्क दो से तीन गुना बढ़ा दिया है। इस कारण आयात महंगा पड़ रहा है।

2. डीजल की कीमतें बढ़ने से ट्रांसपोर्टेशन का खर्च भी बढ़ा है।

3. अरहर, उड़द, मूंग की फसल मध्यप्रदेश और राजस्थान जैसे उत्पादक राज्यों में उपज कम हुई है।

दुकानों में कम दिख रहे खरीदार- लुभाने के लिए संचालक दे रहे कई ऑफर

बढ़ती महंगाई से हर तबका परेशान है। जिन मॉल में ग्राहकों की भीड़ लगी रहती थी महंगाई की वजह से वहां भी आम लोग खरीदारी करने नहीं जा रहे है। घटते ग्राहकों की संख्या को रोकने के लिए ग्रॉसरी प्रोडक्ट पर मॉल को ऑफर देने पड़ रहे है। मॉल 1200 से अधिक की ऑन लाइन खरीदारी पर फ्री होम डिलीवरी। 3000 तक के ग्रोसरी प्रोडक्ट की खरीद पर 300 रुपए तुरंत कैश बैक दे रहे है।

केंद्र और राज्य सरकार कम करे डीजल के दामसरकार को ईंधन के दाम पर नियंत्रण करना चाहिए

महाराष्ट्र व कर्नाटक में पिछले दिनों आई बाढ़ के कारण फसलें खराब होने से दाल की कीमतें प्रभावित हुई हैं। खाद्य तेलों में तेजी जरूर है। नई फसलों के आने के बाद खाद्यान्न की कीमतें नियंत्रित होने की संभावना है। सरकार को ईंधन के दाम कम करने चाहिए, ताकि आम वर्ग व कारोबारी पर आर्थिक बोझ न बढ़ सके।
-प्रवीण जैन छाबड़ा, चैंबर अध्यक्ष

केंद्र या राज्य सरकार ही कम कर सकती है कीमत

पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को सिर्फ केंद्र या राज्य सरकार ही नियंत्रित कर सकती है अपने टैक्स घटाकर। डीजल की कीमत बढ़ने से ट्रांसपोर्टेशन खर्च बढ़ गया है। इससे महंगाई बढ़ रही है। डीलरों की भी बिक्री का वॉल्यूम कम हो गया है। लोग कम मात्रा में तेल रहे हैं।
-प्रमोद कुमार, प्रवक्ता झारखंड पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन

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