बंद के समर्थन में तय समय तक गिरे रहे शहर के बड़े प्रतिष्ठानों के शटर

जमशेदपुर : जीएसटी की जटिलताओं के विरोध में शुक्रवार को कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के भारत व्यापार बंद का शहर में मिलाजुला असर दिखा। बड़े व्यापारी बंद के समर्थन में थे, जबकि कुछ आधा शटर गिराकर बिक्री कर रहे थे। साकची, बिष्टुपुर, जुगसलाई, कदमा, गोलमुरी बाजार की बड़ी दुकानें व आभूषण दुकानें बंद रहीं। लेकिन छोटे प्रतिष्ठान खुले रहे। चैंबर सदस्यों ने घूम-घूमकर दुकाने बंद कराईं। देर शाम सभी दुकानें खुल गईं।

पेट्रोल पंप और मेडिकल स्टोर खुले रहे

व्यापार बंद का स्थानीय परिवहन व्यवस्था पर कोई असर नहीं दिखा। पेट्रोल पंप, दवा दुकानें और नर्सिंग होम आम दिनों की तरह खुले रहे।

साकची बाजार

बिष्टुपुर बाजार

कैट व सिंहभूम चैंबर के लोग उतरे बंद के समर्थन में, कुछ आधा शटर गिरा कर रहे थे बिक्री

सिंहभूम चैंबर और कैट के प्रतिनिधियों ने साकची-बिष्टुपुर में घूम-घूम कर दुकानदारों से प्रितष्ठान बंद करने की अपील की। इनमें चैंबर महासचिव भरत वसानी, रमाकांत गुप्ता, महेश सोंथालिया, प्रदीप गुप्ता, विपिन आडेसरा, धमेंद्र आडेसरा, नीतेश धूत, मानव केडिया, पवन शर्मा आदि शामिल थे।

ये हैं मांगें

जीएसटी के बेतुके एवं तर्कहीन प्रावधानों को सरकार वापस ले। ई कामर्स कंपनियों पर प्रतिबंध लगे।

कैट का सुझाव

केंद्र सरकार, राज्य सरकारें और जीएसटी काउंसिल विवादास्पद संशोधनों को स्थगित रखे।किसी संशोधन को लाने से पहले व्यापारी संगठनों को पूरे विश्वास में लिया जाए।जीएसटी के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सरकार जीएसटी समिति गठित करे। इसमें अधिकारी और व्यापार प्रतिनिधि शामिल हों।

इन संगठनों का मिला समर्थन

ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन, ऑल इंडिया एफएमसीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेेडरेशन, फेडरेशन ऑफ एल्युमुनियम यूटेंसिल्स मैन्युफैक्चरर्स एंड ट्रेडर्स एसोसिएशन, नार्थ इंडिया स्पाईसिस ट्रेडर्स एसोसिएशन, ऑल इंडिया वूमेन इंटरप्रिन्योर्स एसोसिएशन, ऑल इंडिया कम्प्यूटर डीलर एसोसिएशन, ऑल इंडिया कॉस्मेटिक मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन आदि।

हमारा बंद सफल रहा

बंद सफल रहा। बड़े दुकानें बंद रहीं। बंद शाम 4 बजे तक ही था। छोटे दुकानदार जीएसटी के दायरे में नहीं आते। उनलोगों ने अपना नैतिक समर्थन दिया। शहर में करीब 200 करोड़ का व्यापार प्रभावित हुआ।
-सुरेश सोंथालिया, राष्ट्रीय सचिव, कैट

लोडिंग-अनलोड़िंग ठप

शहर में ट्रक-ट्रेलर की आवाजाही और लोडिंग-अनलोड़िंग पूरी तरह ठप रही। एसोसिएशन का आह्वान सफल रहा। लगभग 500 ट्रकों में लोडिंग नहीं हुआ। हमारी बात सरकार तक पहुंची है।
-अखिलेश दुबे, महामंत्री, ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसो. जमशेदपुर

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