इन बातों का रखें ध्यान ताकि राखी पर मिठाई की मिठास बनी रहे

त्‍यौहारों पर दुकानदार अधिक फायदे के चक्कर में मिठाइयों में काफी मात्रा में रंग मिलाते हैं। इन रंगों की मिलावट से ये मिठाइयां सुंदर दिखती हैं और उनकी बिक्री भी बहुत होती है। हालांकि भारत में बहुत से कलर फुड प्रतिबंधित हैं। इन रंगों को आप मिठाइयों या किसी दूसरे खाद्य पदार्थों में नहीं मिला सकते हैं।

भाई-बहन के त्यौहार रक्षाबंधन पर मिठाइयों की खास डिमांड होती है। ऐसे में खुशियों के इस त्‍यौहार पर रंग-बिरंगी मिठाईयों से सावधान रहने की भी जरुरत है। ये मिठाइयां आपको बीमार कर सकती हैं तो आइए इन रंग-बिरंगी मिठाइयों के दुष्प्रभावों के बारे में आपको बताते हैं।

खतरनाक है मिठाइयां

त्‍यौहारों पर दुकानदार अधिक फायदे के चक्कर में मिठाइयों में काफी मात्रा में रंग मिलाते हैं। इन रंगों की मिलावट से ये मिठाइयां सुंदर दिखती हैं और उनकी बिक्री भी बहुत होती है। हालांकि भारत में बहुत से कलर फुड प्रतिबंधित हैं। इन रंगों को आप मिठाइयों या किसी दूसरे खाद्य पदार्थों में नहीं मिला सकते हैं। मिलावटी वाली मिठाइयों को खाने से आपको कैंसर भी हो सकता है। यही नहीं लगातार इसे खाने से आपके लीवर और किडनी को भी नुकसान पहुंच सकता है। साथ ही बच्चों की ग्रोथ पर भी असर पड़ सकता है। यह इम्यून सिस्टम पर भी असर डालता है।

त्यौहार में आमतौर पर दुकानदान फायदे के लिए खराब गुणवत्ता वाले तेल, प्रतिबंधित विषाक्त फुड कल और स्वाद के लिए गुलाब जामुन में उबले हुए आलू और पिस्ता बर्फी में मटर और सिंथेटिक दूध के इस्तेमाल करते हैं जो हेल्थ के लिए नुकसानदायक है। गहरे चमकीले गुलाबी, हरा और पीला रंग की मिठाइयां सुंदर तो दिखती है लेकिन सेहत के लिए नुकसानदायक होती है। साथ ही रसगुल्ला, लड्डू, जलेबी, बर्फी, चुम-चुम, कराची हलवा जैसी मिठाइयों में भी रंग इस्तेमाल होते हैं। इन जहरीले रंगों के इस्तेमाल से पक्षाघात, ब्रेन डैमेज, उल्टी, दस्त, चक्कर आना और भोजन की विषाक्तता जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं।

मेटानिल की मिलावट से रहें सावधान

रक्षाबंधन पर मिठाई खरीदते समय रंगीन मिठाइयों से सावधान रहें। मिठाइयों में इस्तेमाल किया जाने वाला फुड कलर आपके लिए घातक हो सकता है। ऐसा है एक फुड कलर है मेटानिल। मिठाई में मेटानिल की मिलावट है कि नहीं इसकी पहचान करने के लिए मिठाई में थोड़ा सा सेंधा नमक डालें। अगर मिठाई का रंग गुलाबी हो जाए तो उसमें मेटानिल मिला हुआ है। मिटानिल पीला खाने का रंग है जो भारत में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। इस रंग के सेवन से वयस्क लोगों के दिमाग पर असर पड़ सकता है। साथ ही मोटानिल का रंग बच्चों के नर्वस सिस्टम पर भी असर डाल सकता है।

मिठाई में स्टार्च की करें पहचान

त्यौहारों में मिठाई में काफी मात्रा में सटार्च मिलाया जाता है जो सेहत के लिए नुकसानदायक होता है। मिठाई में स्टार्च की पहचान के लिए थोड़ा सा मावा में पाम ऑयल डालकर उसे उबालें, फिर आयोडीन के घोल की बूंदें डालें। अगर मावे का रंग नीला हो जाए तो उसमें स्टॉर्च की मिलावट होती है।

रक्षाबंधन पर क्या करें

1. हमेशा सफेद रंग वाली मिठाइयां ही लें।

2. ध्यान दें मिठाइयां बदबूदार न हों।

3. घर में कुदरती रंग बना कर उनसे मिठाइयां बनाने की कोशिश करें।

4. रक्षाबंधन पर घर में पारम्परिक मिठाइयां बनाएं।

5. साथ में ड्राई फ्रट्स के साथ केशर फिरनी, नारियल बर्फी, बादाम का लड्डू और खजूर का रोल भी बना सकते हैं।

6. गिफ्ट देने के लिए आप ड्राई फ्रूट्स के पैकेट, तरह-तरह फायदेमंद बीजों के पैकेट और फल भी दे सकते हैं।

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