खिड़की बनाने से पूर्व जान लें वास्तु के ‘यह नियम’

घर बनाने से पूर्व वास्तु के नियमों को जान लेना बहुत आवश्यक होता है, क्योंकि अगर हम पहले ही वस्तु के नियमों को ध्यान में रखकर घर का निर्माण नहीं करेंगे तो छोटी-छोटी त्रुटियां हमें आजीवन मुसीबत में डाल सकती हैं।अगर आप भी अपने भवन का निर्माण करने की योजना बना रहे हैं, तो दरवाजे और खिड़कियों से संबंधित वास्तु के नियमों को जान लेना आपके लिए बेहद आवश्यक है।

जब भी घर बनाया जाता है तो उसमें खिड़कियां अवश्य रखी जाती है। इन खिड़कियों से हमे सूरज का उजाला और प्रकृति की हवा मिलती रहती है। ऐसा कहा जाता है कि जिन घरों में खिड़कियां नहीं होती है वहां के लोग अक्सर बीमार रहते हैं। वैसे वास्तु शास्त्र में भी खिड़कियों को लेकर बहुत कुछ कहा गया है।

बहुत कम लोग ये जानते हैं कि आपके घर की खिड़कियां भी आपके सुख दुख का कारण बन सकती है। वास्तु की माने तो आपको घर में खिड़कियां वास्तु शास्त्र के मुताबिक ही बनानी चाहिए। यदि इनसे संबंधित नियम तोड़ दिए जाए तो गड़बड़ हो सकती है। तो चलिए फिर बिना किसी देरी के खिड़की से जुड़े वास्तु नियम जान लेते हैं।

1. घर की छत पर उजालदान बनाने से हर हाल में बचना चाहिए। आजकल बहुत से लोग छत पर दो-बाइ-दो का एक हिस्सा खाली छोड़ देते हैं। वास्तु के अनुसार ऐसा नहीं करना चाहिए। इससे घर पर हवा का दबाव बनने लगता है जो कि आपकी हेल्थ और दिमाग के लिए ठीक नहीं होता है। इसलिए यदि आप छत पर उजालदान बनाना भी चाहते हैं तो पहले किसी अच्छे वास्तुशास्त्री से सलाह अवश्य लें।

2. घर की खिड़की किस दिशा में बनी है ये भी वास्तु के हिसाब से बहुत जरूरी होता है। आपको हमेशा घर की वायव्य, उत्तर, ईशान और पूर्व दिशा में ही खिड़की बनवाना चाहिए। इससे आपके घर पर शुभ प्रभाव पड़ेगा।

3. किचन में एक खिड़की जरूर बनवाएं। किचन में कई तरह की चीजें पकाई जाती है। खिड़की बनने से कमरे का ताप और धुआं आसानी से बाहर निकल सकेगा।

4. बाथरूम और टॉयलेट में छोटे छोटे उजालदान जरूर बनाना चाहिए। इन्हें छत से लगा हुआ ही बनाएं। बाथरूम में बहुत सी नेगेटिव एनर्जी रहती है जिन्हें बाहर निकालना जरूरी होता है।

5. आग्नेय, दक्षिण और नैऋत्य दिशा में उजालदान बनाने से हर हाल में बचे। वास्तु के अनुसार यह दिशा उचित नहीं होती है। यदि आग्नेय में आपका किचन पद रहा है तो वास्तुशास्त्री से सलाह लेकर उचित दिशा में खिड़की बनवाएं।

6. घर में कितनी खिड़कियां होनी चाहिए इसमें भी वास्तु का ध्यान रखें। आमतौर पर घर में सम मतलब 2, 4, 6 क्रम में खिड़कियां होनी चाहिए।  विषम जैसे 1, 3, 5 क्रम में खिड़कियां नहीं बनानी चाहिए।

7. एक बात का विशेष ध्यान रखें कि घर के खिड़की दरवाजे में खोलते या बंद करते समय किसी तरह की आवाज नहीं आनी चाहिए। यदि ये आती है तो वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है। इस स्थिति में खराब  खिड़कियों की जल्द से जल्द मरम्मत करवा लें।

मुख्य द्वार पर खिड़की का निर्माण

वास्तु के अनुसार अगर आप घर के मुख्य द्वार पर खिड़की बनवाते हैं तो यह बेहद शुभ माना जाता है। वास्तु कहता है कि जिस भवन के मुख्य द्वार पर खिड़की बनी रहती है, उस भवन में सुख-शांति हमेशा बनी रहती है, तथा घर में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता रहता है।

खिड़कियों की संख्या

खिड़कियों को लेकर वास्तु में बताया गया है कि एक घर के लिए कितनी संख्या में खिड़कियां और दरवाजे लगाना शुभ होता है। जब भी आप अपने घर में दरवाजे और खिड़कियों को स्थापित करें तो इस बात का ध्यान अवश्य रखें कि सभी खिड़की और दरवाजों की संख्या ‘सम’ होनी चाहिए। इससे आपके घर में सुख-शांति बनी रहती है और आप पर वास्तु दोष नहीं लगता है। वहीं अगर आप विषम संख्या में खिड़की-दरवाजे लगाते हैं तो आपके लिए और आपके परिवार के स्वास्थ्य के लिए इसे बेहद हानिकारक माना जाता है।

दक्षिण दिशा का विशेष ध्यान

वास्तु के अनुसार दक्षिण दिशा को शुभ नहीं माना जाता है, और कहा जाता है कि इस दिशा में यम, यानी की मृत्यु के देवता का निवास होता है। इसीलिए इस दिशा में भूलकर भी दरवाजे और खिड़कियों का निर्माण ना करें। अगर आप ऐसा करते हैं तो इसका सीधा असर आपके परिवार के स्वास्थ्य पर पड़ेगा और आपका घर नकारात्मक शक्तियों से भरा रहेगा। हालाँकि कई बार मजबूरी में या जमीन की बनावट ऐसी होती है कि दक्षिण दिशा में खिड़की लगाना मजबूरी हो जाती है, तो ऐसे में वास्तु शास्त्र कहता है कि अपने दरवाजे पर मोटा पर्दा लगा कर रखें इससे काफी हद तक वास्तु दोष से बचा जा सकता है।

उत्तर दिशा है ‘श्रेष्ठ’

खिड़कियों के लिए उत्तर दिशा को सबसे श्रेष्ठ बताया गया है। अगर आप अपने भवन का निर्माण कर रहे हैं, तो ऐसे में कोशिश करें कि उत्तर दिशा की तरफ एक खिड़की अवश्य लगाएं। वास्तु में कहा गया है कि उत्तर का दिशा भगवान कुबेर का स्थान होता है और ऐसे में आप उत्तर दिशा में अगर खिड़की लगाते हैं तो भगवान कुबेर की कृपा दृष्टि आप पर और आपके परिवार के सदस्यों पर बनी रहेगी और आपको आर्थिक तंगी जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
Become a Journalist
Feedback/Query