व्यापारी बंद खदान से परेशान राजस्व का भी नुकसान

रांची : झारखंड चैंबर की माइंस एंड मिनिरल उप समिति की बैठक में उद्यमियों ने कहा कि राज्य में लौह अयस्क की खदानें पिछले साल के अप्रैल से बंद है। झारखंड में लोहे पर आधारित उद्योगों को हर महीने लाखों टन लोएस की जरूरत पड़ती है, जिसकी वर्तमान में करोड़ों रुपए कीमत है। रॉयल्टी और जीएसटी मिलाकर करोड़ों रुपए राजस्व राज्य सरकार उगाही कर सकती थी, लेकिन खदानें बंद रहने से सरकार इसका लाभ नहीं उठा पाई।

इससे इस उद्योग से जुड़े उद्यमी भी परेशान हैं। चैंबर अध्यक्ष प्रवीन जैन छाबड़ा और उप समिति के चेयरमैन प्रमोद चौधरी ने कहा कि जल्द सीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा। बैठक में उपाध्यक्ष किशोर मंत्री, महासचिव राहुल मारू, दीपक रुंगटा, रितेश सिंह, आलोक, श्रवण कुमार, नरेंद्र तिकमानी, शैलेश अग्रवाल, अमित शर्मा और विकास सिन्हा भी मौजूद थे।

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