वाह! मुंबई पुलिस.. खुदकुशी करने जा रहे थे, सोशल मीडिया पोस्ट देखकर आंधी की तरह पहुंची पुलिस

मुंबई : महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में चंद घंटों के भीतर एक शख्स ने फेसबुक पर खुदकुशी करने का वीडियो अपलोड किया, जबकि एक नाबालिग छात्र ने खुदकुशी का ट्वीट किया। उनके यह कदम उठाने से पहले ही पुलिस की साइबर सेल ने सोशल मीडिया की मदद से दोनों को बचा लिया। इनमें एक अमरावती जिले का 12वीं कक्षा का छात्र है, जबकि दूसरा व्यक्ति पश्चिम उपनगर के बोरीवली का रहने वाला है। बता दें कि पुलिस और नागरिक पहले भी सोशल मीडिया के जरिए पता चलने पर इस तरह के हालात में कई जानें बचा चुके हैं। हालांकि समय पर न पहुंच पाने के कारण कई घटनाओं में जान नहीं बचाई जन सकी। इसके बाद साइबर सेल ऐसे मामलों में बहुत चौकस रहती है।

पारिवारिक कलह से था परेशान
मुंबई साइबर सेल की डीसीपी डॉ.रश्मि करंदीकर ने बताया कि 16 फरवरी की रात 11 बजे किसी अज्ञात व्यक्ति ने मुंबई पुलिस को कॉल करके बताया कि फेसबुक पर एक व्यक्ति आत्महत्या करने की बात कह रहा है। पुलिस ने इस अज्ञात कॉलर की बात को गंभीरता से लिया। साइबर सेल के पुलिसकर्मी ढेरे और पडलकर ने टेक्निकल एविडेंस की मदद से इस फेसबुक विडियो का लोकेशन निकाला। इसके बाद साइबर पुलिस ने स्थानीय एमएचबी पुलिस की मदद से इस लोकेशन पर आत्महत्या करने जा रहे उस व्यक्ति की जान बचाई। वह पारिवारिक कलह से परेशान होकर यह कदम उठाने जा रहा था।

सिलेबस के कारण दे रहा था जान
मुंबई पुलिस के प्रवक्ता एस.चैतन्य के अनुसार, 16 फरवरी को मुंबई पुलिस के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट @cpmumbaipolice पर 17 वर्षीय एक छात्र ने सिलेबस पूरा नहीं होने से तंग आकर जान देने की बात लिखकर मुंबई पुलिस को टैग किया था। इसकी जानकारी मिलते ही साइबर सेल के राडे और सांगले ने टेक्निकल एविडेंस की मदद से छात्र का लोकेशन अमरावती में खोजकर वहां के एसपी शशिकांत सातव को सूचित किया। एसपी सातव ने बताया कि मुंबई साइबर सेल से जानकारी प्राप्त होते ही उन्होंने एक विशेष पुलिस दस्ता तैयार कर उस छात्र को तलाश करके बचा लिया।

नागराले ने की पुलिस की सराहना
महाराष्ट्र के पुलिस प्रमुख हेमंत नागराले ने पुलिस की सतर्कता और सूझ-बूझ से दो लोगों की जान समय रहते अमरावती और बोरीवली में बचाने की सराहना की है। गौरतलब है कि पिछले दो दिन में अभिनेता संदीप नाहर और डॉ.बी. तुपे ने मानसिक तनाव के कारण जान दे दी थी।

डीसीपी ने कहा, टेंशन न लें छात्र

डीसीपी डॉ.करंदीकर ने स्टूडेंट्स से अपील की है कि वे शैक्षणिक परीक्षाओं को लेकर इतनी चिंता न करें कि इस वजह से जान देने पर आमादा हो जाएं। उचित मार्गदर्शन और सही तरीके से की गई मेहनत के साथ अगर तैयारी की जाए, तो हर बोर्ड की परीक्षाओं को आसानी से पास किया जा सकता है।

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