250 से ज्यादा औरतें पहुंची तो कुर्सी छोड़ भागे XEN

फरीदाबाद :  सदियों से समाज विचारक रहीम का एक दोहा खूब इस्तेमाल होता आ रहा, ‘रहीमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून, पानी गए न उबरे मोती मानस चून’। आजकल फरीदाबाद की डबुआ कॉलोनी में कुछ ऐसे ही हालात हैं। हरियाणा की सबसे बड़ी कॉलोनी का दर्जा रखते इस इलाके में मार्च से जुलाई तक एक बूंद भी पानी नहीं मिलता। दुखड़ा भी किसे रोएं? जलापूर्ति विभाग के JE से लेकर SDO तक कोई भी सुनने को तैयार नहीं है। सोमवार को फिर ऐसा ही हुआ। यहां लगभग 1 लाख आबादी में से काफी महिला-पुरुष XEN से मिलने पहुंचे तो साहब कुर्सी छोड़कर भाग निकले। अंदर कमरे में सिर्फ तन्हा कुर्सी ही थी। इसके बाद दिनभर हंगाम का माहौल रहा।

मिली जानकारी के अनुसार गर्मी आने से पहले ही पानी का संकट पैदा हो जाने पर परेशान 250 से ज्यादा महिलाएं सोमवार सुबह 11 बजे नगर निगम मुख्यालय पहुंची। यहां XEN मनोज कुमार का घेराव किया। उन्हें बाहर आकर सबके सामने समस्या हल होने की अवधि के बारे में कहा गया। XEN एक मिनट के लिए बाहर आए। इससे पहले कि महिलाएं कुछ कह पाती XEN फिर अपने कमरे में आ गए और फिर अगले ही पल चुपके से ऑफिस छोड़कर भाग निकले। नाराज लोग और नगर निगम के वार्ड-10 के पार्षद मनवीर भड़ाना XEN को ढूंढते ही रह गए। करीब दो घंटे बाद एडिशनल कमिश्नर इंद्रजीत कुलेरिया के ऑफिस में पहुंचकर उन्हें घेर लिया। उन्होंने XEN को फोन करके फटकार लगाई और जल्द ही समस्या का समाधान करने का आदेश दिया। इसके बाद ही महिलाएं घर को लौटी।

करीब 50 हजार की आबादी को पानी का संकट
पूर्व पार्षद गजेंद्र पाल ने बताया कि पूरी डबुआ कॉलोनी की कुल आबादी एक लाख से अधिक है। ये प्रदेश की सबसे बड़ी कॉलोनी मानी जाती है। इसका अधिकांश इलाका पहाड़ी पर बसा होने के चलते कई गलियों में पानी नहीं पहुंचता। करीब 50 हजार लोग कई बरस से पानी के संकट से जूझ रहे हैं। दस हजार रुपए वेतन पाने वाले लोग पानी खरीदकर कैसे काम चलाते हैं, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।

पाइप पड़ गई, लेकिन कनेक्सन नहीं दिया गया
पार्षद मनवीर भड़ाना के अलावा संतोष शर्मा, सीमा, प्रवीण, बंसी, विक्रम और अन्य का कहना है कि CM के आदेश पर निगम अधिकारियों ने उन प्वाइंटों को चिह्नित किया था, जहां पानी नहीं पहुंचता। 60 लाख का एस्टीमेट बनाकर वर्क ऑर्डर जारी किया गया। वहां पाइपलाइन बिछा दी गई, मोटर भी आ गई, लेकिन अभी तक बूस्टर से पानी की लाइन नहीं जोड़ी गई।

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